Sant Tukaram Palkhi 2026: महाराष्ट्र की ऐतिहासिक परंपरा और आस्था के सबसे बड़े प्रतीक ‘आषाढ़ी एकादशी पंढरपुर वारी’ की शुरुआत 7 जुलाई से बेहद भक्तिमय माहौल में हो चुकी है. यह पावन यात्रा देहू रोड और आलंदी से शुरू होकर विट्ठल की नगरी पंढरपुर तक जाएगी. इस महान अवसर पर जगतगुरु संत तुकाराम महाराज के समाधि स्थल (देहू गांव) से पालखी प्रस्थान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस कमिश्नर विनय कुमार चौबे खुद मौके पर पहुंचे.
बता दें कि उन्होंने संपूर्ण मंदिर परिसर और पालखी मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया. इस दौरान ‘देहू संस्थान’ की ओर से पुलिस कमिश्नर का पारंपरिक रूप से शॉल और श्रीफल देकर भव्य स्वागत और सम्मान किया गया.
जगतगुरु श्री संत तुकाराम महाराज के इस पावन पालखी सोहला का यह 341वां ऐतिहासिक वर्ष है, जिसे लेकर पूरे महाराष्ट्र के वारकरियों में भारी श्रद्धा देखी जा रही है. इलाके में हो रही भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं और वारकरियों का उत्साह देखते ही बन रहा है, और लाखों की संख्या में लोग इस यात्रा में शामिल होने पहुंचे हैं.
इतनी बड़ी संख्या में उमड़े जनसैलाब की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है. इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस कमिश्नर विनय चौबे ने स्वयं जमीन पर उतरकर पूरी कमान संभाली है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा या सुरक्षा संबंधी दिक्कत का सामना न करना पड़े.
इस विशाल पालखी यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने जमीन पर एक मेगा पुलिस बंदोबस्त तैनात किया है. पूरी यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था में 8,500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को मुस्तैद किया गया है. इस बड़े सुरक्षा घेरे की निगरानी के लिए 4 एडिशनल पुलिस कमिश्नर (Additional CPs), 13 डीसीपी (DCPs), 30 एसीपी (ACPs), और 182 पुलिस इंस्पेक्टरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इनके साथ ही 6,552 पुलिस कांस्टेबल, राज्य आरक्षित पुलिस बल (SRPF) की 3 विशेष प्लाटून और 1,250 होमगार्ड के जवान भी दिन-रात पालखी मार्ग और विश्राम स्थलों पर तैनात रहकर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना रहे हैं.
इस साल की पंढरपुर वारी को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह हाई-टेक और आधुनिक कर दिया है. इतिहास में पहली बार पालखी मार्ग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके तहत संत तुकाराम महाराज पालखी मार्ग पर 125 AI-सक्षम सीसीटीवी कैमरे और संत ज्ञानेश्वर महाराज मार्ग पर 101 AI कैमरे लगाए गए हैं.
वहीं भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर संदिग्धों और पुराने अपराधियों की तुरंत पहचान करने के लिए 28 अत्याधुनिक फेशियल रिकॉग्निशन कैमरों की मदद ली जा रही है, जिससे इस ऐतिहासिक धार्मिक यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराया जा सके.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
अलवर के टपूकड़ा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां घर…
तमिलनाडु में नया समीकरण बन रहा है. पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) के सहारे BJP के…
प्रयागराज में 40 वर्षों से महात्मा गांधी की यादें सहेज रहे अनिल गुप्ता ने गांधी…
Who Will Next DGP of Bihar: बिहार के डीजीपी विनय कुमार के 21 दिनों की…
तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा और साहिब सिंह के बीच…
Etah temple priest murder: उत्तर प्रदेश के एटा के लालपुर गांव में करीब 60 वर्षीय…