देश

वादाखिलाफी के 50 साल! न घर के रहे, न घाट के; सोम कमला आंबा बांध निर्माण के समय विस्थापित हुए परिवारों को कब मिलेगा उनका हक?

Rajasthan News: सोम कमला आंबा बांध के डूब क्षेत्र के निवासी पिछले 50 वर्षों से आवासीय पट्टों का इंतजार कर रहे हैं. इन परिवारों को पट्टे न मिलने के कारण वे कई सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है. लगभग 50 से 60 परिवार इस समस्या से जूझ रहे हैं.

1980 से पट्टों का इंतजार

संभाग के दूसरे सबसे बड़े सोम कमला आंबा बांध का निर्माण 1980 में हुआ था. उस समय कई बड़े गांवों के लोगों को मुआवजा देकर अन्यत्र स्थापित किया गया था. हालांकि, बांध के निचले हिस्से में रहने वाले इन परिवारों को सरकार ने आवासीय पट्टे देकर पुनर्स्थापित करने का वादा किया गया था. लेकिन अभी तक पट्टे नहीं मिले है.
कई बार कर चुके शिकायत

इन प्रभावित परिवारों ने अपनी समस्या को लेकर ग्राम पंचायत, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय और सरकार द्वारा आयोजित कई शिविरों में गुहार लगाई है. उन्होंने कई बार ज्ञापन सौंपकर आवासीय पट्टों की मांग भी की है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की कथित हठधर्मिता के कारण उन्हें पट्टे नहीं मिल पा रहे हैं.

पट्टे ना मिलने से योजनाओं से वंचित

आवासीय पट्टों के अभाव में इन ग्रामीणों को किसी भी सरकारी योजना का लाभनहीं मिल पा रहा है. इससे सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाएं उनके लिए केवल दिखावा साबित हो रही हैं, जबकि उन्हें मूलभूत सुविधाओं और विकास से दूर रखा गया है.

ये भी पढ़ें- “दलित मरे तो नक्सली, मुसलमान मरे तो आतंकी…”, जानिए भरत तिवारी एनकाउंटर पर क्यों भड़के केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी

इस मामले में तहसीलदार ने बताया – आवासीय पट्टे की फाइल पर हस्ताक्षर कर एसडीएम को भेज दी गई है. हालांकि, आसपुर एसडीएम ने जानकारी दी कि उनके पास ऐसा कोई मामला नहीं आया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि मामला आता है तो उसकी जांच कराई जाएगी.

भारत एक्सप्रेस के लिए डूंगरपुर से भूपेंद्र गामोट की रिपोर्ट

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

राम भक्तों के लिए खुशखबरी! रामलला के दर्शन हुए और आसान, मुफ्त पास की बढ़ाई गई सीमा

अयोध्या राम मंदिर में रामलला के दर्शन अब और आसान हो गए हैं. ट्रस्ट ने…

50 minutes ago

पीएम मोदी के विजन को मिली बड़ी रफ्तार: नमो भारत ने पूरे किए परिचालन के 3 सफल साल

पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई नमो भारत रैपिड रेल ने 3 सफल साल पूरे…

2 hours ago

अमित शाह का पंजाब सरकार पर हमला, बोले- नशे के खिलाफ आवाज दबाने वालों को नहीं छोड़ेंगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर आम…

2 hours ago

राष्ट्र को अस्थिर करने वाली राजनीति से बचें; संविधान का सम्मान सर्वोपरि: इंद्रेश कुमार

लखनऊ में आयोजित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता सम्मेलन में डॉ. इंद्रेश कुमार ने देश…

2 hours ago

IP Extension दशहरा समारोह में शामिल हो सकते हैं पीएम मोदी, केवल पास धारकों को मिलेगी एंट्री

प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में दशहरा समारोह में शामिल हो सकते हैं.…

2 hours ago