Uttrakhand flood
Uttrakhand flood : उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी है और मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों के लिए बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. भारी बारिश के कारण देहरादून में गाजियावाला में बीजापुर बांध के पास स्थित संसारी माता का मंदिर ढह गया. इसके आस पास के घरों में भी काफी नुकसान हुआ है. लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है.
प्रदेश में भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं. उत्तरकाशी में श्यानचट्टी पुल पर यमुना नदी का पानी आ गया है. ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है. गढ़वाल मंडल में सौंग, बाढ़गंगा, अलकनंदा, मंदाकिनी नदियों का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने विद्यालयों को बंद रखने की अपील की है और सरकार से अनुरोध किया है कि पर्यटकों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में आवागमन की अनुमति न दी जाए.
उत्तराखंड में जगह पहाड़ों के स्खलन से सड़कों पर बहुत ज्यादा मलबा आ गया है जिसके कारण उत्तराखंड राज्य की 384 से ज्यादा सड़के बंद हो गई हैं. उत्तरकाशी में सबसे अधिक 70 सड़कें, टिहरी में 31 सड़के, चमोली में 51सड़कें, रुद्रप्रयाग में 39 सड़कें, पौड़ी में 39 सड़कें, देहरादून में 48 सड़कें, पिथौरागढ़ में 28 सड़कें, अल्मोड़ा में 38 सड़के, बागेश्वर में 10 सड़के, नैनीताल में 25 सड़कें बंद पड़ी हुई हैं. इन सड़कों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी और अन्य उपकरणों से युद्धस्तर पर काम चल रहा है. सबसे बड़ी दिक्कत ये आ रही है कि सड़क से मलबा हटाकर साफ किया तो दूसरी जगह तेज बारिश के कारण स्खलन होने मलबा सड़क पर आ जा रहा है.
पहाड़ों पर जनजीवन पूरी तरीके से अस्त व्यस्त हो गया है. पहाड़ों पर काफी जगह बर्फबारी ने भी ठंडक को बढ़ा दिया है. बद्रीनाथ, फूलों की घाटी, हेमकुंड साहिब, की ऊंची चोटियों पर खूब बर्फबारी हो रही है जिसके कारण यहां के आस पास के क्षेत्र में तापमान में काफी गिरावट आ गई है और लोगों ने गरम कपड़े भी निकाल कर पहनना शुरू कर दिए हैं.
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. पहाड़ों पर इस समय पर्यटन व्यवसाय बिल्कुल बंद पड़ा हुआ है. सितंबर महीने में फूलों की घाटी का सीज़न रहता है लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण फूलों की घाटी जाने वाले पर्यटक काफी निराश हैं. इन पर्यटकों ने पहले से कई बड़ी पर्यटन टूर कराने वाली कंपनियों में ग्रुप टूर के लिए पैसा जमा कर रक्खा है, ऐसे में इनके सामने समस्या है कि इतने खराब मौसम में वह कैसे फूलों की घाटी जाएं
बद्रीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को रास्ता बंद होने के कारण कई कई दिन रास्ते में ही रुकना पड़ रहा हैं और केदारनाथ का भी यही हाल है, यहां जाने वाली एलिकॉप्टर सेवा पूरी तरीके से बंद कर दी गई है. पूरे उत्तराखंड में पर्यटक बेहद कम हैं, अधिकतर होटल खाली पड़े हुए हैं और पर्यटन व्यवसाय पूरी तरह ठप्प पड़ा हुआ है जिसके कारण पर्यटन उद्योग से रोज कमाने और खाने वालों के सामने बहुत समस्या आ गई है.
भारत एक्सप्रेस
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