1 December Rule Changes: नया महीना आते ही कई नियम बदल जाते हैं और इन बदलावों का असर सीधे-सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है. दिसंबर की शुरुआत भी कुछ ऐसे ही अहम अपडेट लेकर आई है, जिनके बारे में जानना जरूरी है. इनमें एलपीजी सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकिंग, टैक्स और पेंशन से जुड़े नियम तक शामिल हैं. अगर आप पहले से इन बदलावों की जानकारी रखेंगे, तो आगे चलकर किसी परेशानी से बच सकते हैं.
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमत की समीक्षा करती हैं. पिछले महीने 6.50 रुपये की कटौती हुई थी, इसलिए लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दिसंबर में भी कुछ राहत या बदलाव देखने को मिल सकता है. हालांकि, यह बदलाव बढ़ोतरी भी हो सकता है और कटौती भी, इसका असर सीधे आपकी रसोई के खर्च पर पड़ेगा.
सरकारी कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम की डेडलाइन 30 नवंबर तय की गई थी, जिसे पहले सितंबर से बढ़ाया गया था. अब कर्मचारियों को यह तय करना था कि वे एनपीएस में रहना चाहते हैं या यूपीएस अपनाना चाहते हैं. अगर आगे इसे नहीं बढ़ाया गया, तो विकल्प बदलने का मौका हाथ से निकल सकता है.
पेंशनर्स के लिए जीवन प्रमाण पत्र यानी लाइफ सर्टिफिकेट बेहद जरूरी दस्तावेज होता है. इसे जमा करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई थी. अगर समय पर लाइफ सर्टिफिकेट नहीं जमा हुआ, तो पेंशन रुक सकती है. इसलिए ऐसे पेंशनभोगी जिन्होंने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें जल्द कदम उठाना चाहिए.
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1 दिसंबर से पहले अक्टूबर महीने में कटे टीडीएस से जुड़े कुछ जरूरी काम पूरे करने का निर्देश था. सेक्शन 194-IA, 194-IB, 194M और 194S के तहत कटौती होने पर उसका स्टेटमेंट नवंबर के अंत तक जमा करना जरूरी था. इसके अलावा ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़े मामलों में सेक्शन 92E की रिपोर्ट की अंतिम तारीख भी 30 नवंबर थी.
अगर ये फाइलिंग समय पर नहीं हुई, तो आगे पेनल्टी या जटिलताएं बढ़ सकती हैं.
दिसंबर में त्योहारों और क्षेत्रीय छुट्टियों की वजह से बैंकों में करीब 18 दिन कामकाज बंद रहेगा. हालांकि ये छुट्टियाँ पूरे देश में एक साथ लागू नहीं होंगी. आरबीआई कैलेंडर के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दिन बैंक बंद रहेंगे. इसलिए किसी भी बैंकिंग कार्य के लिए पहले तारीख देखकर ही बाहर निकलें.
कई बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां 1 दिसंबर से अपने डिजिटल बैंकिंग सिस्टम, यूपीआई लिमिट, कार्ड चार्जेस और सिक्योरिटी फीचर्स में बदलाव लागू कर रही हैं. कुछ जगह लेनदेन पर शुल्क बढ़ सकता है, तो कुछ सेवाओं में छूट भी मिलने की संभावना है. इसलिए बैंक से आने वाले मैसेज और अपडेट्स पर नजर रखना जरूरी है.
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– भारत एक्सप्रेस
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