उत्तर प्रदेश

मायावती का बड़ा एक्शन! समधी को किया BSP से बाहर, आकाश आनंद के रोल पर दिया संदेश

Mayawati UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर बेहद गंभीर दिख रहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने एक बार फिर बड़ा और कड़ा फैसला लिया है. अनुशासनहीनता को लेकर सख्त रुख अपनाने वाली बसपा प्रमुख ने अपने समधी (आकाश आनंद के ससुर) अशोक सिद्धार्थ और पार्टी कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. चुनाव की तैयारियों के बीच इस बड़े फैसले से राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच गई है.

सोशल मीडिया पर किया ऐलान (Mayawati X post)

पार्टी से निष्कासित करने से पहले मायावती ने अशोक सिद्धार्थ से दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्यों का प्रभार वापस ले लिया था. वहीं रणधीर सिंह बेनीवाल के पास पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारियां थीं. सभी प्रभार हटाने के बाद मायावती ने आधिकारिक रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर दोनों नेताओं के निष्कासन का ऐलान कर दिया.

“टिकट मैं तय करूंगी…” (Mayawati Disciplinary Action)

मायावती ने स्पष्ट किया कि यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और टिकट बंटवारे का पूरा अधिकार सिर्फ और सिर्फ उनके पास है. उन्होंने बताया कि लखनऊ कार्यालय में बैठकों के जरिए वे खुद दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर उनके नाम फाइनल कर चुकी हैं और आगे भी सभी सीटों पर उम्मीदवार वही तय करेंगी.

ये भी पढ़ें: कॉमनवेल्थ में स्वर्णिम शनिवार: 10वें भारत को मिले 8 गोल्ड समेत 16 मेडल, कहां पहुंची टैली?

इसके साथ ही उन्होंने नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद (Akash Anand) को लेकर चल रही सभी अफवाहों को खारिज कर दिया. मायावती ने कहा, “आकाश आनंद केवल पार्टी के तय किए गए उम्मीदवारों के ऐलान के लिए जनसभाएं कर रहे हैं. इसका उनके कद को घटाने या बढ़ाने से कोई लेना-देना नहीं है. पार्टी कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अनाप-शनाप बातों और जातिवादी तत्वों की अफवाहों से पूरी तरह सावधान रहें.”

बसपा में अनुशासनहीनता पर कोई समझौता नहीं

आपको बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब अशोक सिद्धार्थ पर एक्शन हुआ है; इससे पहले भी अनुशासनहीनता के चलते उन्हें निकाला गया था, लेकिन माफी मांगने के बाद उनकी वापसी हुई थी. अब 2027 के चुनावों से ठीक पहले मायावती के इस फैसले ने साफ संदेश दे दिया है कि पार्टी में अनुशासन और टिकट बंटवारे की कमान पूरी तरह से सुप्रीमो के ही हाथों में रहने वाली है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

इमरान खान को देश छोड़ना पड़ेगा या मिलेगी राहत? बॉम्बे हाईकोर्ट में कल होगा बड़ा फैसला

इमरान खान को FRRO द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट…

8 hours ago

चीन-पाक सीमा पर किलेबंदी! 2.12 लाख करोड़ रुपये की डिफेंस डील को मंजूरी

Indian Defence Deals: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई DAC बैठक में भारतीय…

8 hours ago

‘जाणता राजा’ का 5वां दिन: गाजियाबाद में गूंजी महाकवि भूषण की पंक्तियां- ‘काशी कर्बला होती मथुरा मदीना होती, शिवाजी न होते तो…’

गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य 'जाणता राजा' के…

9 hours ago