नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इतिहास में 15 जून 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है. जेवर में बने इस नए और भव्य एयरपोर्ट की जमीन पर पहली बार यात्रियों से भरा एक कमर्शियल विमान लैंड करने वाला है. सुबह करीब 8:05 बजे लखनऊ से उड़ान भरकर इंडिगो एयरलाइन की पहली फ्लाइट यहां पहुंचेगी. इस ऐतिहासिक पल को यादगार और भव्य बनाने के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन ने अपनी सभी खास तैयारियां पूरी कर ली हैं.
एयरपोर्ट अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यह फ्लाइट सुबह करीब 7:30 बजे टेक ऑफ (उड़ान) करेगी. लगभग 35 मिनट के सफर के बाद यह विमान नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेगा. इस पहली और ऐतिहासिक उड़ान में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़े कई बड़े अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विशेष अतिथि शामिल हो रहे हैं. इनके साथ ही गौतम बुद्ध नगर के कुछ नामी कारोबारी और उद्यमी भी इस सफर के गवाह बनने जा रहे हैं.
नोएडा एयरपोर्ट पर उतरने वाले पहले यात्री दल के स्वागत के लिए टर्मिनल को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया है. एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, यह उड़ान केवल एक शुरुआत नहीं है बल्कि एयरपोर्ट की तैयारियों और संचालन व्यवस्था को परखने का एक बड़ा ट्रायल भी है. फ्लाइट के लैंड होने के बाद यात्रियों की एंट्री, सुरक्षा जांच (सिक्योरिटी चेक), लगेज हैंडलिंग सिस्टम और टर्मिनल की अन्य सुविधाओं को बारीकी से जांचा जाएगा. आपको बता दें कि नोएडा एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा DXN कोड दिया गया है.
शुरुआती चरण में जेवर एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों (डोमेस्टिक फ्लाइट्स) को प्राथमिकता दी जा रही है. 15 जून को लखनऊ और बेंगलुरु के लिए उड़ानें शुरू हो रही हैं, जबकि इसके अगले ही दिन यानी 16 जून से हैदराबाद, जम्मू और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों के लिए भी कनेक्टिविटी शुरू हो जाएगी. आने वाले समय में इस एयरपोर्ट का विस्तार बरेली, नवी मुंबई, श्रीनगर, जयपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, किशनगढ़ और देहरादून जैसे कई अन्य शहरों के लिए भी किया जाएगा.
जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े और आधुनिक एविएशन प्रोजेक्ट्स में से एक है. इसके पूरी तरह चालू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव काफी कम हो जाएगा. पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा. जानकारों का मानना है कि इस एयरपोर्ट के आने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के इलाकों में रियल एस्टेट, पर्यटन, निवेश और रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल जाएगी.
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