Uttar Pradesh New Rule: राज्य सरकार ने जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब पुलिस की लिखापढ़ी में किसी आरोपी की जाति नहीं लिखी जाएगी. एफआईआर में भी जाति का कॉलम रिक्त रहेगा. एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मुकदमों को छोड़कर अन्य मामलों में केवल वादी और आरोपी का नाम व उपनाम लिखा जाएगा.
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) में जाति का कॉलम हटाने के लिए एनसीआरबी को पत्र लिखा गया है. एफआईआर और अन्य दस्तावेजों में माता-पिता दोनों के नाम दर्ज होंगे. सीसीटीएनएस में माता के नाम के लिए नया कॉलम जोड़ा जाएगा. बदलाव तक जाति के गैर अनिवार्य कॉलम खाली छोड़े जाएंगे.
ये भी पढ़ें: UP News: 23 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे आजम खान, यूपी की सियासत में हलचल तेज
मुख्य सचिव दीपक कुमार ने रविवार को यह आदेश जारी किया. इसका उद्देश्य है कि पुलिस अभिलेखों और सार्वजनिक स्थानों से जातिगत भेदभाव को पूरी तरह हटाया जाए.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
अलवर के टपूकड़ा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां घर…
तमिलनाडु में नया समीकरण बन रहा है. पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) के सहारे BJP के…
प्रयागराज में 40 वर्षों से महात्मा गांधी की यादें सहेज रहे अनिल गुप्ता ने गांधी…
Who Will Next DGP of Bihar: बिहार के डीजीपी विनय कुमार के 21 दिनों की…
तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा और साहिब सिंह के बीच…
Etah temple priest murder: उत्तर प्रदेश के एटा के लालपुर गांव में करीब 60 वर्षीय…