उत्तर प्रदेश

बांके बिहारी मंदिर न्यास में होंगे 18 सदस्य, योगी सरकार ने पेश किया विधेयक; यहां जानें बिल की हर डिटेल

Banke Bihari Temple Trust Bill: उत्तर प्रदेश सरकार ने बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विधेयक पेश किया है. इस विधेयक के तहत, मंदिर की सभी चल-अचल संपत्तियों, दान और चढ़ावे का अधिकार एक न्यास (ट्रस्ट) को सौंपा जाएगा. यह न्यास न केवल मंदिर के रीति-रिवाजों और परंपराओं को बनाए रखेगा, बल्कि भक्तों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं सुनिश्चित करेगा. इस न्यास में गोस्वामी परंपरा के सदस्यों के साथ-साथ सरकारी अधिकारी और सनातन धर्म के प्रतिष्ठित व्यक्ति भी शामिल होंगे, जिससे मंदिर का प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके. आइये जानें इस न्यास का काम क्या होगा और इसकी संरचना कैसे होगी?

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बांके बिहारी मंदिर न्यास विधेयक को पेश किया गया. सदन में बुधवार सुबह 11 बजे ‘विकसित भारत, विकसित यूपी विजन डॉक्यूमेंट 2047’ पर लगातार 24 घंटे की चर्चा शुरू हुई. इसमें सरकार ने विभागवार उपलब्धियां और विजन रखा.

संपत्तियों की परिभाषा हुई तय

बांके बिहारी मंदिर न्यास विधेयक स्पष्ट करता है कि मंदिर के चढ़ावे, दान और सभी चल-अचल संपत्तियों पर न्यास का अधिकार होगा. इसमें मंदिर में स्थापित मूर्तियां, मंदिर परिसर और प्रसीमा के भीतर देवताओं के लिए दी गई भेंट या उपहार, किसी भी पूजा, सेवा, कर्मकांड, समारोह, धार्मिक अनुष्ठान के समर्थन में दी गई संपत्ति, नकद या वस्तुरूपी अर्पण, तथा मंदिर परिसर के उपयोग के लिए डाक/तार से भेजे गए बैंक ड्राफ्ट और चेक तक शामिल हैं. मंदिर की संपत्तियों में आभूषण, अनुदान, योगदान, हुंडी संग्रह सहित श्री बांके बिहारी जी मंदिर की सभी चल एवं अचल संपत्तियां सम्मिलित मानी जाएंगी.

क्या-क्या करेगा न्यास? (Banke Bihari Trust Work)

सरकार ने कहा है कि न्यास का गठन स्वामी हरिदास की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है. स्वामी हरिदास के समय से चली आ रही रीति-रिवाज, त्योहार, समारोह और अनुष्ठान बिना किसी हस्तक्षेप या परिवर्तन के जारी रहेंगे. न्यास दर्शन का समय तय करेगा, पुजारियों की नियुक्ति करेगा और वेतन, भत्ते और प्रतिकर निर्धारित करेगा. साथ ही भक्तों और आगंतुकों की सुरक्षा तथा मंदिर के प्रभावी प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी न्यास पर होगी.

व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी

न्यास गठन के बाद श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. प्रसाद वितरण, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए अलग दर्शन मार्ग, पेयजल, विश्राम के लिए बेंच, पहुंच एवं कतार प्रबंधन कियोस्क, गौशालाएं, अन्नक्षेत्र, रसोईघर, होटल, सराय, प्रदर्शनी कक्ष, भोजनालय और प्रतीक्षालय जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी.

कैसी होगी न्यास की संरचना? (Banke Bihari Trust Structure)

  • न्यास की संरचना- न्यास में 11 मनोनीत और 7 पदेन सदस्य होंगे.
  • मनोनीत सदस्य: वैष्णव परंपराओं/संप्रदायों/पीठों से 3 प्रतिष्ठित सदस्य (जिनमें साधु-संत, मुनि, गुरु, विद्वान, मठाधीश, महंत, आचार्य, स्वामी सम्मिलित हो सकते हैं).
  • सनातन धर्म की परंपराओं/संप्रदायों/पीठों से 3 सदस्य (उसी श्रेणी के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व)
  • सनातन धर्म की किसी भी शाखा/संप्रदाय से 3 सदस्य (प्रतिष्ठित व्यक्ति/शिक्षाविद/विद्धान/उद्यमी/वृत्तिक/समाजसेवी)
  • गोस्वामी परंपरा से 2 सदस्य- स्वामी हरिदास जी के वंशज, एक राज-भोग सेवादार और दूसरा शयन-भोग सेवादार का प्रतिनिधि
  • सभी मनोनीत सदस्य सनातनी हिंदू होंगे और कार्यकाल 3 वर्ष का होगा.

पदेन सदस्य में कौन-कौन शामिल होगा? (Banke Bihari Trust Member)

पदेन सदस्य में मथुरा के जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर निगम आयुक्त, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के सीईओ, बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट के सीईओ और राज्य सरकार से नामित प्रतिनिधि शामिल होंगे. यदि कोई पदेन सदस्य सनातन धर्म को नहीं मानने वाला/गैर-हिंदू हुआ, तो उसकी जगह उससे कनिष्ठ अधिकारी को नामित किया जाएगा.

हर तीन महीने में होगी बैठक

न्यास की बैठक हर तीन महीने में अनिवार्य होगी, आयोजन से 15 दिन पहले नोटिस देना होगा. बोर्ड/सदस्य सद्भावनापूर्वक किए गए कार्यों के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराए जाएंगे. न्यास को 20 लाख रुपए तक की चल/अचल संपत्ति स्वयं खरीदने का अधिकार होगा. इससे अधिक के लिए सरकार की स्वीकृति आवश्यक होगी. मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एडीएम स्तर के होंगे. यह विधेयक मंदिर की धार्मिक परंपरा की रक्षा करते हुए प्रशासन को संस्थागत बनाता है और श्रद्धालुओं को उन्नत अनुभव देने का रोडमैप प्रस्तुत करता है.

नोट- यह खबर एजेंसी (IANS) फीड से सीधे पब्लिश की गई है. इसमें किसी भी जानकारी को नहीं बदला गया है. खबर को पढ़ने लायाक बनाने के लिए लिए केवल हेडलाइन बदली गई है. वहीं पैराग्राफ से पहले सबहेड जोड़े गए हैं. इस स्टोरी को लेकर भारत एक्सप्रेस की किसी भी तरह की नैतिक जिम्मेदारी नहीं होगी.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

‘ईश्वर अल्लाह तेरो नाम!’ नंगे पैर, हाथ में लाठी… दंगों की आग के बीच अकेले कैसे लड़े बापू? पढ़िए अनकही दास्तान

Pushpamitra Book Review: 'गांधी का सैंतालीस' केवल इतिहास का रोजनामा नहीं, बल्कि बंटवारे की त्रासदी…

10 minutes ago

बाउंड्री पर बैठे थे, अचानक दौड़े और लगा दी छलांग; प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत का CCTV आया सामने

Premanand Maharaj Disciple Death: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी…

27 minutes ago

‘मां से बहस की ऐसी सजा?’ लखनऊ के विजन अपार्टमेंट में कलियुगी बेटे का खूनी खेल, वजह जान कांप जाएगी रूह

Lucknow News: लखनऊ के विजन अपार्टमेंट में मामूली विवाद के बाद 17 वर्षीय नाबालिग बेटे…

33 minutes ago

त्योहारों पर घर जाने वालों के लिए रेलवे की तैयारी, चलेंगी सात जोड़ी स्पेशल ट्रेनें; प्लेटफॉर्म टिकट होगा दोगुना

दुर्गापूजा, दीपावली और छठ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रांची रेल मंडल सात…

1 hour ago

‘1 साल से बिना वेतन काम कराना शोषण, 12 तक दें सैलरी!’: SHUATS कर्मचारियों के हक में हाईकोर्ट का सख्त आदेश

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुआट्स के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के बकाया वेतन…

1 hour ago

हिंदुस्तान का किसान उठ खड़ा हुआ! जानिए शास्त्री जयंती पर पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री के लिए क्या कहा?

PM Narendra Modi Tribute: लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर पीएम मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि…

1 hour ago