Hezbollah Fiber Optic Drones: संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच से मिडिल ईस्ट युद्ध को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और इजरायल की सुरक्षा चिंताओं को उजागर करने वाली बड़ी खबर सामने आई है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक हाई-प्रोफाइल बैठक में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन (Danny Danon) ने हिजबुल्लाह के नए और उन्नत ड्रोन लड़ाकू बेड़े की तकनीक की कड़े शब्दों में निंदा की है.
डैनन ने दुनिया के सामने माना कि हिजबुल्लाह के ये नए ड्रोन बेहद “सस्ते, सटीक और घातक” हैं, जिन्होंने उत्तरी इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था और इजरायली सेना (IDF) के अरबों डॉलर के डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के सामने एक बहुत बड़ी अभेद्य चुनौती खड़ी कर दी है.
राजदूत डैनी डैनन ने संयुक्त राष्ट्र में हिजबुल्लाह के इन ड्रोन हथियारों की तीन ऐसी खौफनाक विशेषताएं बताईं, जिसने सैन्य विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है. इसमें सबसे घातक है इसकी फाइबर-ऑप्टिक तकनीक. दरअसल, हिजबुल्लाह अब ऐसे सुसाइड ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहा है जो किसी रेडियो तरंग या सैटेलाइट सिग्नल के बजाय सीधे ऑपरेटर से एक बेहद बारीक और लंबी केबल (फाइबर-ऑप्टिक वायर) के जरिए जुड़े होते हैं.
चूंकि हवा में कोई रेडियो सिग्नल तैर नहीं रहा होता, इसलिए इजरायल के एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और जैमिंग सिस्टम इन ड्रोनों को ब्लॉक या ट्रैक करने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं.
दूसरी बड़ी आफत यह है कि ये ‘फर्स्ट-पर्सन व्यू’ (FPV) ड्रोन आकार में बहुत छोटे होते हैं और जमीन से बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हैं. इस वजह से इजरायल के अत्याधुनिक रडार और मिसाइल डिटेक्टर भी इन्हें समय रहते ट्रैक नहीं कर पाते. राजदूत ने स्पष्ट किया कि हिजबुल्लाह इन ड्रोनों को बेहद सस्ते और बाजार में आसानी से मिलने वाले पुर्जों (कम्पोनेंट्स) से असेंबल कर रहा है, लेकिन इनका वार इतना सटीक (Pin-point accuracy) है कि ये सीधे इजरायली ठिकानों के अंदर घुसकर धमाका कर रहे हैं.
इस अदृश्य तकनीक के कारण उत्तरी इजरायल में हाहाकार मचा हुआ है और सीमावर्ती इलाकों को खाली कराना पड़ा है. हिजबुल्लाह के इन सस्ते ड्रोनों का मुकाबला करने के लिए अब दुनिया की सबसे एडवांस मानी जाने वाली इजरायली सेना (IDF) पारंपरिक मिसाइलों को छोड़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित छोटे इंटरसेप्टर और आसमान में फिजिकल जाल (Nets) बिछाने जैसे अजीबोगरीब पैंतरे अपनाने को मजबूर हो गई है. यूएन में इजरायल की यह चेतावनी साफ करती है कि आने वाले दिनों में यह तकनीकी युद्ध और ज्यादा खूंखार रूप अख्तियार करने वाला है.
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-भारत एक्सप्रेस
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