अजब-गजब

‘मौत को छू कर टक्क से वापस’; दुनिया के इस शख्स को ‘अमृत्व’ का वरदान!, 6 बार मरकर हो चुका है जिंदा

Ajab Gajab: फिल्मों में आपने अक्सर देखा होगा कि हीरो मरकर वापस जिंदा हो जाता है, लेकिन क्या असल जिंदगी में ऐसा मुमकिन है? तंजानिया के एक शख्स की कहानी सुनकर आप दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे. इस शख्स को आज दुनिया ‘अमर इंसान’ के नाम से जानने लगी है. वजह जानकर आपके होश उड़ जाएंगे. इस्माइल ने एक या दो बार नहीं, बल्कि पूरे छह बार मौत को मात दी है और हर बार यमराज के दरवाजे से वापस लौट आए हैं.

पहली बार जब ताबूत से बाहर आया ‘मुर्दा’

इस्माइल की ये अजीबोगरीब दास्तां एक दफ्तर में हुए हादसे से शुरू हुई. ‘एफ्रीमैक्स’ की एक डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक, ऑफिस में एक गंभीर एक्सीडेंट के बाद इस्माइल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घरवाले मातम मना रहे थे, शरीर को ताबूत में रखकर कब्रिस्तान ले जाया जा रहा था. लेकिन जैसे ही दफनाने की तैयारी हुई, ताबूत के अंदर हलचल होने लगी. इस्माइल अचानक होश में आए और बाहर निकलने लगे. वहां मौजूद लोग डर के मारे भाग खड़े हुए, किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि जिसे वो दफनाने लाए हैं, वह जिंदा कैसे हो गया.

बीमारी, एक्सीडेंट और सांप का जहर भी बेअसर

किस्मत का खेल यहीं नहीं रुका. कुछ समय बाद इस्माइल को इतना गंभीर मलेरिया हुआ कि डॉक्टरों ने फिर से उन्हें मृत मान लिया, लेकिन वे फिर जी उठे. इसके बाद एक भयानक कार एक्सीडेंट में उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि वे कोमा में चले गए और डॉक्टरों ने उम्मीद छोड़ दी, पर इस्माइल एक बार फिर मौत को चकमा देकर वापस आ गए.

सबसे डरावना वाकया तब हुआ जब एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया. तीन दिनों तक वे बेसुध पड़े रहे, शरीर में कोई हलचल नहीं थी. परिवार ने इस बार भी उन्हें मृत मान लिया, लेकिन पिछले अनुभवों की वजह से तुरंत दफन नहीं किया. और हुआ भी वही, तीन दिन बाद इस्माइल फिर से उठ बैठे.

डर के मारे लोगों ने घर में लगा दी आग

लगातार ऐसी घटनाओं के बाद समाज का नजरिया उनके प्रति बदल गया. पड़ोसी उन्हें इंसान नहीं, बल्कि कोई ‘जादुई शक्ति’ या साया मानने लगे. इसी खौफ के चलते एक दिन भीड़ ने उनके घर में आग लगा दी, जबकि इस्माइल अंदर ही थे. लोगों को लगा कि इस बार तो बचना नामुमकिन है, लेकिन वे इस भीषण आग से भी सही-सलामत बाहर निकल आए. यह उनकी छठी मौत से वापसी थी.

वरदान या सजा?

आज इस्माइल अजीजी एक अलग ही तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं. वे मरने से नहीं, बल्कि ‘ना मरने’ से परेशान हैं. लोग उनसे डरते हैं और उनसे दूरी बना लेते हैं. समाज से बहिष्कृत होने के बाद अब वे एक सुनसान जगह पर अकेले रहने को मजबूर हैं. उनकी कहानी आज भी एक अनसुलझा रहस्य बनी हुई है. कोई इसे कुदरत का करिश्मा कहता है, तो कोई विज्ञान की अनसुलझी पहेली. लेकिन हकीकत यही है कि इस्माइल की जिंदगी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है.

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-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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