अजब-गजब

चेरनोबिल में 38 साल बाद अजीबोगरीब घटना! परमाणु दुर्घटना स्थल पर दिखे ‘नीले कुत्ते’, दुनिया भर के वैज्ञानिक हैरान

Blue Dogs of Chernobyl: यूक्रेन का चेरनोबिल… एक ऐसा नाम जो सुनते ही जहन में डर, रहस्य और तबाही की तस्वीरें ताजा हो जाती हैं. 38 साल पहले यहां हुआ परमाणु हादसा आज भी दुनिया के सबसे बड़े औद्योगिक हादसों में गिना जाता है. उस विस्फोट ने न सिर्फ इंसानों की जिंदगी बर्बाद कर दी थी, बल्कि उसके जख्म अब तक मिटे नहीं हैं. मगर हाल ही में इस इलाके से जो वीडियो सामने आया है, उसने एक बार फिर चेरनोबिल को सुर्खियों में ला दिया है.

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चेरनोबिल क्षेत्र के कुछ आवारा कुत्ते नजर आ रहे हैं लेकिन इनमें से एक कुत्ता नीले रंग का दिखाई देता है! हां, आपने सही पढ़ा उसका पूरा शरीर हल्के नीले फर से ढका हुआ है. ये देखकर लोग दंग रह गए हैं और सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ये कैसे संभव है?

वैज्ञानिक भी हैरान, बढ़ी जांच की मांग

रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो ‘डॉग्स ऑफ चेरनोबिल’ (Dogs of Chernobyl) नाम के संगठन ने रिकॉर्ड किया है. यह संस्था 2017 से वहां रह रहे कुत्तों की देखभाल, टीकाकरण और नसबंदी का काम कर रही है. माना जाता है कि चेरनोबिल में आज करीब 700 से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं जिनमें ज्यादातर वो जानवर शामिल हैं जो 1986 की परमाणु त्रासदी के बाद अपने मालिकों द्वारा छोड़े गए थे.

वीडियो में एक नहीं, बल्कि कई ऐसे कुत्ते नजर आए हैं जिनके फर पर नीला रंग दिखाई दे रहा है. हैरानी की बात ये है कि उनके साथ मौजूद बाकी कुत्तों का रंग सामान्य है. अब वैज्ञानिकों और पशु-विशेषज्ञों के बीच इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह रंग विकिरण का नतीजा है या फिर किसी रासायनिक तत्व से संपर्क की वजह से ऐसा हुआ है.

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लोगों में फिर जगी पुरानी यादें

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. कुछ लोगों का मानना है कि यह विकिरण के असर का एक नया संकेत है, जबकि कुछ का कहना है कि नीले रंग का कारण शायद किसी औद्योगिक धूल या रासायनिक पदार्थ का जमाव हो सकता है. हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.

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-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

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