चेन्नई में रूस के महावाणिज्य दूत ओलेग अवदीव ने कहा, ‘यूक्रेन छोड़ने वाले भारतीय छात्र रूस में अपनी शिक्षा जारी रख सकते हैं. क्योंकि, मेडिकल सिलेबस लगभग समान है. वे लोगों की भाषा जानते हैं, जैसे यूक्रेन में उनमें से अधिकांश रूसी बोलते थे. रूस में उनका सबसे अधिक स्वागत है.
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