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पेट्रोल-डीजल के संकट पर भारत का ‘मास्टरस्ट्रोक’: बीकानेर और बीना में बनेंगे ऑयल रिजर्व

India strategic petroleum reserve: अमेरिका-ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भारत की तेल जरूरतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. इसका सीधा असर भारत के आयात बिल पर पड़ा. अब सरकार भविष्य में ऐसे संकट से निपटने के लिए देश में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बढ़ाने की तैयारी कर रही है.

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के बीकानेर और मध्य प्रदेश के बीना में दो नए स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व बनाने की योजना है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को बताया है कि बीकानेर में प्रस्तावित सुविधा की फिजिबिलिटी स्टडी पूरी हो चुकी है और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. वहीं, बीना के लिए प्री-फिजिबिलिटी स्टडी पूरी हो चुकी है और अब विस्तृत अध्ययन किया जाना है.

तेल संकट में बड़ा सहारा

भारत हर साल करीब 2 अरब बैरल कच्चा तेल आयात करता है. देश अपनी जरूरत का लगभग 88 फीसदी क्रूड विदेशों से खरीदता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डालती है. अनुमान के मुताबिक कच्चे तेल की कीमत सिर्फ 1 डॉलर प्रति बैरल बढ़ने से भारत का आयात बिल करीब 18,000 करोड़ रुपये बढ़ सकता हैय

महंगे तेल का असर केवल सरकारी खजाने तक सीमित नहीं रहता. इससे महंगाई बढ़ने, चालू खाते के घाटे पर दबाव पड़ने और रुपये की कीमत कमजोर होने का खतरा भी रहता है. ऐसे में रणनीतिक तेल भंडार किसी आपात स्थिति में देश के लिए सुरक्षा कवच का काम कर सकते हैं.

चीन से काफी पीछे भारत

रणनीतिक तेल भंडार के मामले में भारत अभी कई बड़े देशों से पीछे है. अनुमान के मुताबिक चीन के पास करीब 1,397 मिलियन बैरल का रिजर्व है, जबकि भारत का मौजूदा रणनीतिक भंडार करीब 21 मिलियन बैरल है. पश्चिम एशिया में लगातार बदलते हालात ने भारत को अपनी स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की जरूरत का एहसास कराया है.


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रूस सबसे बड़ा तेल सप्लायर

पहली तिमाही में रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता रहा. भारत के कुल क्रूड आयात में रूस की हिस्सेदारी 40 फीसदी से अधिक रही. इसके बाद यूएई 14.6 फीसदी, सऊदी अरब 9.9 फीसदी, वेनेजुएला 5.2 फीसदी और ओमान 4.5 फीसदी हिस्सेदारी के साथ प्रमुख सप्लायर रहे.

बीकानेर और बीना में नए भंडार बनने से संकट के समय भारत के पास अतिरिक्त तेल उपलब्ध रहेगा. इससे अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में अचानक रुकावट आने पर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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