Goldman Sachs: भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बार फिर अच्छी खबर आई है. दिग्गज ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक Goldman Sachs (GS) ने भारत को लेकर अपना नजरिया बदल दिया है. पिछले साल जहां उसने भारत की रेटिंग ‘Underweight’ कर दी थी, वहीं अब उसने ‘Overweight’ कर दी है.
यानी अब Goldman Sachs को भरोसा है कि आने वाले दो सालों में भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा.
GS ने अपने नए रिपोर्ट “Leaning In as Growth Revives; Raising India back to Overweight” में कहा है कि भारत की GDP और कॉर्पोरेट कमाई में मजबूत सुधार देखने को मिलेगा. बैंक ने Nifty का टारगेट 29,000 रखा है, जो मौजूदा स्तर से करीब 14% की बढ़त को दर्शाता है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह उछाल मुख्य रूप से अगले दो वर्षों में बेहतर अर्निंग्स ग्रोथ के कारण आएगा.
Goldman Sachs ने भारतीय बाजार में कुछ सेक्टरों को लेकर खास भरोसा जताया है-
बैंक का मानना है कि इन क्षेत्रों में अगले दो सालों में मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ देखने को मिलेगी.
Goldman Sachs ने पिछले साल अक्टूबर में भारत को डाउनग्रेड किया था. तब महंगे वैल्यूएशन, कमजोर अर्निंग्स और विदेशी निवेश की कमी ने बाजार पर दबाव बनाया था.
लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, RBI और सरकार की ग्रोथ सपोर्टिव नीतियों, GST दरों में कटौती, क्रेडिट ग्रोथ, और विदेशी फंड्स की वापसी ने भारतीय बाजार को दोबारा गति दी है.
विदेशी निवेशक फिर से लौट रहे हैं
पिछले एक साल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयरों में 30 अरब डॉलर की बिकवाली की थी, जिससे विदेशी निवेश रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर चला गया था. लेकिन हाल के महीनों में हालात पलटे हैं — निवेशकों का भरोसा लौट रहा है और विदेशी फंड फ्लो फिर से बढ़ रहे हैं.
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले दो वर्षों में ग्रामीण मांग और उपभोक्ता खर्च तेजी पकड़ेंगे. कम खाद्य मुद्रास्फीति, अच्छा कृषि चक्र, GST में कटौती का असर, और आने वाले विधानसभा चुनावों से लोगों की आमदनी और खर्च में सुधार होगा. इसके अलावा, 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने से भी घरेलू खपत में बढ़ोतरी की उम्मीद है.
GS का मानना है कि RBI की लिक्विडिटी बढ़ाने वाली नीतियों और निजी कर्ज में सुधार के कारण बैंकिंग सेक्टर की ग्रोथ मजबूत होगी. रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में बैंकों का मुनाफा 15% बढ़ सकता है, जो इस साल के मुकाबले लगभग दोगुना है.
वहीं, डिफेंस सेक्टर में ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की नीति से तेजी आने की संभावना है. Goldman Sachs ने कहा कि रक्षा क्षेत्र की निजी कंपनियों के पास मजबूत अर्निंग्स और दीर्घकालिक ग्रोथ की संभावनाएं हैं. GS ने फार्मा, इंफोटेक, इंडस्ट्रियल्स और केमिकल्स सेक्टरों पर ‘Underweight’ दृष्टिकोण बनाए रखा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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