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वित्त वर्ष 2025 में सरकारी ई-मार्केटप्लेस ने 5 लाख करोड़ रुपये का जीएमवी पार किया

वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की समाप्ति से 18 दिन पहले अपने पोर्टल पर सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) में 5 लाख करोड़ रुपये को पार करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है.

यह सार्वजनिक खरीद के लिए एक प्राथमिक उपकरण के रूप में GeM के तेजी से विस्तार को दर्शाता है, जो 1.6 लाख से अधिक सरकारी संस्थाओं के खरीदार आधार की सेवा करता है. उल्लेखनीय रूप से 23 जनवरी, 2025 को पिछले बेंचमार्क को पार करने के बाद से 4 लाख करोड़ रुपये से 5 लाख करोड़ रुपये तक की छलांग 50 दिनों से भी कम समय में पूरी हुई.

13 फरवरी तक 22 लाख से अधिक सेवा प्रदाता पंजीकृत थे

GeM ने हाल के महीनों में बाजार की पहुंच बढ़ाने और विक्रेताओं की भागीदारी को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रमुख नीतिगत सुधार किए हैं. लेनदेन शुल्क, विक्रेता मूल्यांकन शुल्क और सावधानी धन आवश्यकताओं में कमी जैसी प्रमुख पहलों ने मंच को और अधिक सुलभ बना दिया है, विशेष रूप से सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSE), स्टार्टअप और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को लाभ पहुँचाया है. 13 फरवरी, 2025 तक, GeM पर 22 लाख से अधिक विक्रेता और सेवा प्रदाता पंजीकृत थे.

इस वर्ष SWAYATT (स्टार्टअप, महिला और युवा ई-लेनदेन के माध्यम से लाभ) की छठी वर्षगांठ भी है, जो एक पहल है जो सरकारी खरीद ढांचे में प्राथमिकता वाले विक्रेता समूहों को एकीकृत करने के लिए GeM की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है. 13 फरवरी, 2025 तक, GeM ने 29,000 से अधिक स्टार्टअप और 1.8 लाख उद्यम-सत्यापित महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों को सफलतापूर्वक शामिल किया है, जिससे अधिक समावेशिता और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है.

तकनीक ने खरीद दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

नीतिगत संवर्द्धन के अलावा, तकनीकी प्रगति ने खरीद दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वित्त वर्ष 2024-25 में, GeM ने भारत में किसी सरकारी संगठन द्वारा सबसे बड़े क्लाउड माइग्रेशन में से एक को अंजाम दिया. इस माइग्रेशन से प्लेटफ़ॉर्म की मापनीयता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे खरीदारों और विक्रेताओं दोनों के लिए एक सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध अनुभव सुनिश्चित होगा.

सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) भारत में सार्वजनिक खरीद के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म है जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. यह पहल 09 अगस्त, 2016 को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा सरकारी खरीदारों के लिए एक खुला और पारदर्शी खरीद प्लेटफ़ॉर्म बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी. GeM की विशेषता तीन मुख्य तत्व हैं: खुलापन, निष्पक्षता और समावेशिता.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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