प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत का टेक्सटाइल सेक्टर अब केवल एक पुराना पारंपरिक उद्योग नहीं रहा, बल्कि यह रोजगार पैदा करने वाली एक मजबूत ताकत बन चुका है. यह सेक्टर लोगों को केंद्र में रखकर काम कर रहा है और आत्मनिर्भर भारत की असली भावना को दर्शाता है.
पीएम मोदी ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के एक लेख का जिक्र किया, जिसमें बताया गया है कि केंद्र सरकार की पीएलआई योजनाएं और नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार के नए मौके पैदा कर रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में टेक्सटाइल सेक्टर की मजबूती की सबसे बड़ी वजह मजबूत घरेलू मांग और बढ़ती खपत है. 140 करोड़ से ज्यादा की आबादी के साथ भारत दुनिया के सबसे मजबूत टेक्सटाइल बाजारों में से एक है. देश का घरेलू टेक्सटाइल बाजार पिछले पांच साल में करीब 8.4 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है.
गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि लोगों के कपड़ों पर खर्च करने की आदत में बड़ा बदलाव आया है. पिछले 10 साल में प्रति व्यक्ति टेक्सटाइल पर खर्च 2014-15 में करीब 3,000 रुपए से बढ़कर 2024-25 में 6,000 रुपए से ज्यादा हो गया है. अनुमान है कि यह खर्च 2030 तक 12,000 रुपए तक पहुंच सकता है.
टेक्सटाइल सेक्टर में निर्यात भी तेजी से बढ़ा है. कोरोना के समय 2019-20 में टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़ों का निर्यात 2.49 लाख करोड़ रुपए था, जो 2024-25 में बढ़कर करीब 3.5 लाख करोड़ रुपए हो गया. यानी कोरोना के बाद के समय में इसमें करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह बढ़ोतरी दिखाती है कि भारत वैश्विक मांग बढ़ने पर जल्दी से उत्पादन बढ़ा सकता है और इससे टेक्सटाइल सेक्टर में सीधे और परोक्ष दोनों तरह से रोजगार पैदा हो रहे हैं.
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मंत्री ने पीएम मित्र पार्क योजना की अहमियत पर भी जोर दिया. इस योजना के तहत टेक्सटाइल सेक्टर में करीब 18,500 करोड़ रुपए के निवेश की उम्मीद है. इसका मकसद उत्पादन बढ़ाना, रोजगार पैदा करना और निर्यात को मजबूत करना है.
सरकार ने टेक्सटाइल उद्योग के पूरे वैल्यू चेन के लिए आधुनिक और बड़े औद्योगिक ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से 7 पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्र) पार्क बनाने को मंजूरी दी है. इस पर 2021-22 से 2027-28 के बीच 4,445 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.
सभी पीएम मित्र पार्क तमिलनाडु (विरुधुनगर), तेलंगाना (वारंगल), गुजरात (नवसारी), कर्नाटक (कलबुर्गी), मध्य प्रदेश (धार), उत्तर प्रदेश (लखनऊ) और महाराष्ट्र (अमरावती) में बनाए जाएंगे. सरकार के मुताबिक, जब पीएम मित्र पार्क पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, तो हर पार्क में करीब 10,000 करोड़ रुपए का निवेश आएगा और इससे करीब 3 लाख लोगों को सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है.
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