वाराणसी के उत्पादों के आसान निर्यात के लिए भारतीय डाक (India Post) ने 120 देशों के साथ समझौते किए हैं. इस संबंध में मंगलवार को वाराणसी डाक क्षेत्र के व्यवसायियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू डाक सेवाओं की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला गया.
इस बैठक में भारतीय डाक की विभिन्न सेवाओं, विशेषकर निर्यातकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई.
बैठक में विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों, बैंकों, स्व-रोज़गार समूहों और स्थानीय व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें भारतीय उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों को निर्यात को बढ़ावा देने हेतु तेज़ पार्सल वितरण हेतु भारतीय डाक सेवाओं को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.
वाराणसी क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कर्नल विनोद कुमार ने कहा, “भारतीय डाक के 120 देशों के साथ समझौते हैं, जिससे व्यापारी अपने उत्पादों को आसानी से विदेशों में निर्यात कर सकते हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि डाक निर्यात केंद्र के माध्यम से निर्यात को सुगम बनाया जा सकता है और सभी अधीक्षक निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रहे हैं. कर्नल विनोद ने यह भी बताया कि युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करने हेतु स्टार्टअप इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है.
‘ऑर्गेनिक वरदान’ की संस्थापक स्वर्णा ने बताया कि उनका संगठन सत्तू सहित अन्य खाद्य पदार्थों के उत्पादन में विशेषज्ञता रखता है और भारतीय डाक विभाग के माध्यम से इन उत्पादों को विदेशी बाजारों में भेजने का लक्ष्य है.
कर्नल विनोद ने बताया कि भारतीय डाक की आईटीपीएस सेवा के तहत, एक किलो वजनी वस्तु ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान और इंग्लैंड लगभग 1,500 रुपये में भेजी जा सकती है. इसके अलावा 35 किलो तक वजन वाली वस्तुओं को अंतर्राष्ट्रीय स्पीड पोस्ट के माध्यम से 100 से अधिक देशों में भेजा जा सकता है.
वाराणसी क्षेत्र के सहायक निदेशक अतुल ने बताया कि डाक निर्यात केंद्र के माध्यम से सीमा शुल्क निकासी आसानी से प्रबंधित की जाती है. वाराणसी क्षेत्र के निरीक्षण निरीक्षक संजीव ने बताया कि सभी जिलों में डाक निर्यात केंद्र कार्यरत हैं और निर्यातकों को सेवाएृं प्रदान कर रहे हैं.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र, वाराणसी कैंट की प्रभारी रुचि ने बताया कि एएमएस सेवा (AMS Service) के तहत निर्यात की मात्रा के आधार पर 16% तक की छूट उपलब्ध है और वस्तुओं के किसी भी नुकसान के लिए मुआवजा प्रदान किया जाता है.
बैठक में अंतर्राष्ट्रीय डाक वितरण से संबंधित मुद्दों, जैसे देरी, ट्रैकिंग संबंधी कठिनाइयां और सीमा शुल्क निकासी, पर भी चर्चा की गई. सेवा सुधार के लिए रणनीति तैयार करने हेतु ग्राहकों से फीडबैक एकत्र किया गया. बैठक का उद्देश्य डाक विभाग और व्यावसायिक ग्राहकों के बीच सहयोग को मजबूत करना, पारदर्शिता बढ़ाना और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना था.
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-भारत एक्सप्रेस
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