Navi Mumbai International Airport: महाराष्ट्र और देश के एविएशन सेक्टर के लिए गुरुवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया. अडानी समूह द्वारा संचालित नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIAL) ने 25 दिसंबर से औपचारिक रूप से अपनी कमर्शियल उड़ानें शुरू कर दी हैं. पीएम मोदी द्वारा इसी साल अक्टूबर में उद्घाटन किए जाने के बाद अब यह एयरपोर्ट आम यात्रियों के लिए पूरी तरह खुल गया है. सिडको (CIDCO) और अडानी एयरपोर्ट्स की मेहनत रंग लाई है. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) को एक नया ग्लोबल एविएशन हब मिलेगा.
एयरपोर्ट के आगाज का पल बेहद भावुक और ऐतिहासिक रहा. सुबह ठीक 8 बजे बेंगलुरु से आई इंडिगो की फ्लाइट 6E460 ने जैसे ही रनवे को छुआ, उसे पारंपरिक ‘वाटर कैनन सैल्यूट’ किया गया. इसके तुरंत बाद सुबह 8:40 बजे पहली डिपार्चर फ्लाइट हैदराबाद के लिए रवाना हुई. इस मौके पर अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने खुद यात्रियों से मुलाकात की और इसे मुंबईकरों की लंबी मांग पूरी होने का दिन बताया.
गुरुवार को एयरपोर्ट पर कुल 30 एयर ट्रैफिक मूवमेंट्स (ATMs) का शेड्यूल तय किया गया था. एयरपोर्ट अभी शुरुआती दौर में दिन में 12 घंटे (सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक) ही ऑपरेट करेगा. इस दौरान 15 फ्लाइट्स उड़ान भरेंगी और 15 लैंड करेंगी. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बेंगलुरु और दिल्ली के लिए सीधी उड़ानें शुरू की हैं, जबकि अकासा एयर ने दिल्ली और गोवा के लिए सेवाएं शुरू कर दी हैं. अकासा की पहली फ्लाइट सुबह 5:25 बजे दिल्ली से चलकर 8:10 बजे नवी मुंबई पहुंची.
इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका टर्मिनल है, जिसे भारत के राष्ट्रीय पुष्प ‘कमल’ के आकार में डिजाइन किया गया है. यह टर्मिनल न केवल एस्थेटिक रूप से सुंदर है, बल्कि सस्टेनेबिलिटी और भारतीय संस्कृति का बेहतरीन नमूना है. पहले चरण का निर्माण 19,650 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है, जिसमें एक टर्मिनल और एक रनवे शामिल है. यह एयरपोर्ट सालाना 2 करोड़ (20 मिलियन) यात्रियों को हैंडल करने की क्षमता रखता है. भविष्य में सभी 5 फेज पूरे होने पर यह क्षमता 9 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी.
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नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुरू होना महज एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का पूरा होना नहीं है, बल्कि यह भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत का प्रतीक है. 1997 में देखा गया सपना आज 2025 में हकीकत बनकर रनवे पर दौड़ रहा है. अडानी ग्रुप और सरकार के सहयोग से बना यह एयरपोर्ट न केवल मुंबई के आसमान को विस्तार देगा, बल्कि आम यात्रियों के सफर को सुगम और यादगार बनाएगा. आज की यह शुरुआत भविष्य में भारत को ग्लोबल एविएशन मैप पर और मजबूती से स्थापित करेगी.
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