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‘एक ही क्लास में पिता-पुत्र’, अटलजी से जुड़े हर सवाल का जवाब; पढ़ें किराए के घर से PM आवास तक का सफर

Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर जानें उनके जीवन के अनसुने किस्से. पिता के साथ कानून की पढ़ाई से लेकर पोखरण परमाणु परीक्षण तक, पढ़ें 1924 से 2018 तक का पूरा सफर और उपलब्धियां

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Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: भारतीय राजनीति के ‘अजातशत्रु’ कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज जन्म जयंती है. 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्मे अटल जी ने 16 अगस्त 2018 को दुनिया को अलविदा कह दिया था, लेकिन उनके विचार और कार्य आज भी भारतीय राजनीति में ध्रुवतारे की तरह चमक रहे हैं. आइए, एक नजर डालते हैं उनके 1924 से 2018 तक के ऐतिहासिक सफर पर.

कौन थे अटल बिहारी वाजपेयी? (Who Is Atal Bihari Vajpayee)

अटल बिहारी वाजपेयी न केवल तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे, बल्कि वे एक ओजस्वी वक्ता, पत्रकार और संवेदनशील कवि भी थे. वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे. उनकी शख्सियत ऐसी थी कि विरोधी दलों के नेता भी उनका सम्मान करते थे और उनकी बातों को गंभीरता से सुनते थे.

प्रारंभिक जीवन और अनूठी शिक्षा (Atal Bihari Vajpayee Education)

  • जन्म: 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर (मध्य प्रदेश) की शिंदे की छावनी में.
  • परिवार: पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी ग्वालियर रियासत में शिक्षक थे. उनका परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा जिले का रहने वाला था.
  • शिक्षा: उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मीबाई कॉलेज) से बीए किया. इसके बाद कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र में प्रथम श्रेणी में एमए की डिग्री हासिल की.
  • कानपुर में अपने पिता के साथ ही एलएलबी (LLB) की पढ़ाई भी की थी. छात्र जीवन से ही वे आरएसएस (RSS) से जुड़ गए थे.

राजनीतिक संघर्ष और सफलता (Atal Bihari Vajpayee Political Career)

वाजपेयी जी का राजनीतिक सफर जनसंघ से शुरू हुआ. वे 1968 से 1973 तक जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे.

  • पहला चुनाव: 1952 में लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन हार गए.
  • पहली जीत: 1957 में यूपी की बलरामपुर सीट से जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में जीतकर संसद पहुंचे.
  • विदेश मंत्री: 1977 में मोरारजी देसाई की सरकार में विदेश मंत्री बने और संयुक्त राष्ट्र में हिंदी में भाषण देकर देश का मान बढ़ाया.
  • बीजेपी की स्थापना: 1980 में जनता पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नींव रखी और इसके पहले अध्यक्ष बने.

तीन बार संभाली देश की बागडोर (PM Atal Bihari Vajpayee)

अटल जी का प्रधानमंत्री बनने का सफर धैर्य और दृढ़ता की मिसाल है. इसी कारण आज भी वह पक्ष-विपक्ष सभी को उतना ही स्वीकार हैं.

  • 1996: पहली बार पीएम बने, लेकिन बहुमत न होने के कारण सरकार सिर्फ 13 दिन ही चल सकी.
  • 1998: दूसरी बार पीएम बने, इस बार सरकार 13 महीने चली.
  • 1999: तीसरी बार 13 दलों के गठबंधन के साथ सरकार बनाई और 5 साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया. वे अपना कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे.

‘अटल’ सरकार के ऐतिहासिक फैसले (Atal Bihari Vajpayee Decision)

  • परमाणु परीक्षण: 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में 5 भूमिगत परमाणु विस्फोट कर भारत को दुनिया के सामने परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित किया.
  • सदा-ए-सरहद: पाकिस्तान से रिश्ते सुधारने के लिए 19 फरवरी 1999 को दिल्ली से लाहौर तक बस यात्रा शुरू की.
  • करगिल विजय: 1999 में पाकिस्तान द्वारा किए गए धोखे का मुंहतोड़ जवाब दिया और करगिल युद्ध में भारत को विजय दिलाई.
  • सड़क क्रांति: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को जोड़ने वाली ‘स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना’ की शुरुआत की.

कवि हृदय अटल और रचनाएं (Poet Atal Bihari Vajpayee)

राजनीति के साथ-साथ साहित्य में भी उनकी गहरी रुचि थी. उनकी प्रमुख रचनाओं में ‘मेरी इक्यावन कविताएं’, ‘रग-रग हिंदू मेरा परिचय’, ‘मृत्यु या हत्या’ और ‘अमर आग है’ शामिल हैं. संसद में उनके भाषणों का संग्रह ‘अमर बलिदान’ के नाम से प्रसिद्ध है.

मिले सर्वोच्च सम्मान (Atal Bihari Vajpayee Awards)

  • 1992: पद्म विभूषण
  • 1994: श्रेष्ठ सांसद पुरस्कार और लोकमान्य तिलक पुरस्कार
  • 2015: देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’
  • विशेष: बांग्लादेश सरकार द्वारा ‘फ्रेंड्स ऑफ बांग्लादेश लिबरेशन वॉर अवॉर्ड’.

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2018 में महाप्रयाण (Atal Bihari Vajpayee Death)

साल 2009 में पड़ा दौरा उनके स्वास्थ्य में गिरावट का कारण बना, जिसके बाद वे सार्वजनिक जीवन से दूर हो गए. 11 जून 2018 को किडनी संक्रमण और अन्य समस्याओं के चलते उन्हें एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया. 16 अगस्त 2018 को इस महान जननायक ने अंतिम सांस ली.



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