बिजनेस

विदेशी इंजनों की नहीं पड़ेगी जरूरत, R-RR की पार्टनरशिप से भारत बनेगा ग्लोबल कॉम्पिटिटर

Reliance Rolls Royce Partnership: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को लेकर एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है. भारतीय नौसेना और वायुसेना को और ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और दुनिया की मशहूर एयरोस्पेस कंपनी रोल्स-रॉयस (Rolls-Royce) ने हाथ मिला लिया है.

दोनों कंपनियां मिलकर भारत के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) यानी अगली पीढ़ी के स्वदेशी फाइटर जेट्स के लिए शक्तिशाली इंजन का निर्माण करेंगी.

भारत में बनेगा ‘एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स’

इस मेगा डील के तहत दोनों कंपनियां भारत में ही एक समर्पित ‘एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स’ स्थापित करने की संभावना तलाश रही हैं. इस सेंटर में सिर्फ इंजन का निर्माण ही नहीं होगा, बल्कि फाइटर जेट्स के इंजनों की डिजाइनिंग, डेवलपमेंट, टेस्टिंग और पूरे लाइफसाइकल का सपोर्ट भी भारत की धरती पर ही तैयार किया जाएगा.

इससे रोल्स-रॉयस की एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी और रिलायंस की विशाल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता एक साथ आकर रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रचेंगी.

क्या भारत बनेगा ग्लोबल कॉम्पिटिटर?

डील की घोषणा करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा, ‘रक्षा और एयरोस्पेस जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों में देश की आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है. रोल्स-रॉयस की तकनीक और रिलायंस की औद्योगिक ताकत मिलकर भारत में एक मजबूत एयरो-इंजन इकोसिस्टम तैयार करेगी. इससे भविष्य में भारत ग्लोबल लेवल पर एक बड़ा कॉम्पिटिटर बनेगा.’

वहीं, रोल्स-रॉयस के सीईओ तुफान एर्गिनबिलगिच ने कहा कि यह साझेदारी भारत के रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी. उन्होंने कहा कि रोल्स-रॉयस के करीब 100 साल के इंजीनियरिंग अनुभव को रिलायंस की औद्योगिक क्षमताओं से जोड़कर भारत को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाया जाएगा.

रक्षा क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार

यह साझेदारी न सिर्फ सैन्य विमानों बल्कि भविष्य में सिविल एयरोस्पेस, नई पावर और प्रोपल्शन प्रणालियों के विकास में भी मददगार साबित होगी. लड़ाकू इंजनों के क्षेत्र में अब तक भारत विदेशी तकनीकों पर निर्भर रहा है, लेकिन इस रणनीतिक सहयोग के बाद भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में दुनिया के गिने-चुने देशों की कतार में खड़ा हो जाएगा.

यह भी पढ़ें: नम्रता अदाणी के नेतृत्व में ISSO का विस्तार, 630 से ज्‍यादा स्कूलों के 28,000 युवा एथलीटों को मिलेगा ट्रेनिंग और करियर गाइडेंस का मंच

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

Agra News: 15 साल बाद घर आया था चिराग, एएनएम की लापरवाही से बुझ गई जिंदगी

Agra News: आगरा में 15 साल बाद जन्मे दो महीने के बच्चे की टीकाकरण के…

3 minutes ago

क्रांतिकारी वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती पर अमित शाह सहित कई नेताओं ने किया नमन

स्वाधीनता सेनानी, भारतीय सशस्त्र क्रांति के जनक वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती के अवसर पर…

7 minutes ago