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एलन मस्क की SpaceX रोजाना अंतरिक्ष में भेज रही करीब 9 सैटेलाइट, जानिए कैसे इतनी तेज हुई लॉन्चिंग

SpaceX Starlink Satellite Launch: अंतरिक्ष की दुनिया में एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. कंपनी जिस तेजी से सैटेलाइट लॉन्च कर रही है, वह अपने आप में खास है. इसकी सबसे बड़ी वजह है स्पेसएक्स का स्टारलिंक (Starlink) प्रोजेक्ट, जिसके जरिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

स्पेसएक्स की लॉन्चिंग की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2026 में अगस्त तक कंपनी 100 ऑर्बिटल मिशन पूरे कर चुकी थी. मार्च में कंपनी औसतन हर 2.3 दिन में एक रॉकेट लॉन्च कर रही थी. इन मिशनों में बड़ी संख्या स्टारलिंक सैटेलाइट्स की रही. यानी कंपनी की लॉन्चिंग गतिविधियों को रोज के हिसाब से देखें तो अंतरिक्ष में पहुंचने वाले सैटेलाइट्स की संख्या करीब 9 प्रतिदिन तक पहुंचती है.

इतनी तेजी से सैटेलाइट भेजना कैसे संभव हो रहा है?

अब सवाल है कि स्पेसएक्स आखिर इतनी तेजी से सैटेलाइट अंतरिक्ष में कैसे पहुंचा पा रही है? इसका एक बड़ा कारण है Falcon 9 रॉकेट. Falcon 9 की खासियत यह है कि इसका पहला चरण यानी बूस्टर वापस पृथ्वी पर लैंड कर सकता है. लॉन्च के बाद बूस्टर को दोबारा इस्तेमाल किया जाता है. इसका मतलब यह हुआ कि हर मिशन के लिए पूरी तरह नया रॉकेट तैयार करने की जरूरत नहीं पड़ती.

रॉकेट के इस दोबारा इस्तेमाल से स्पेसएक्स को लॉन्च की तैयारी तेजी से करने में मदद मिलती है. साथ ही, हर मिशन की लागत को भी कम रखने में फायदा होता है. यही वजह है कि कंपनी लगातार एक के बाद एक लॉन्च कर पा रही है.

एक रॉकेट में कई सैटेलाइट

स्पेसएक्स की रणनीति सिर्फ बार-बार रॉकेट लॉन्च करने तक सीमित नहीं है. एक Falcon 9 रॉकेट एक ही मिशन में कई स्टारलिंक सैटेलाइट अंतरिक्ष में पहुंचा सकता है.

मसलन, अगस्त 2026 में कंपनी के एक मिशन में 29 स्टारलिंक सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट यानी पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजा गया था. इस तरह एक ही लॉन्च के जरिए दर्जनों सैटेलाइट कक्षा में पहुंच जाते हैं. यही तरीका स्टारलिंक नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने में स्पेसएक्स के लिए काफी अहम साबित हो रहा है.

हजारों सैटेलाइट पहले से अंतरिक्ष में

स्टारलिंक का नेटवर्क अब काफी बड़ा हो चुका है. स्पेसएक्स के मुताबिक मार्च 2026 तक उसके नेटवर्क में करीब 9,600 स्टारलिंक सैटेलाइट थे. इसी दौरान कंपनी ने बताया था कि स्टारलिंक के ग्राहकों की संख्या 1.03 करोड़ से ज्यादा हो चुकी थी.

इसके बाद भी लॉन्चिंग का सिलसिला जारी रहा. अगस्त 2026 के अंत तक उपलब्ध ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक करीब 11,102 स्टारलिंक सैटेलाइट कक्षा में मौजूद थे. इनमें से लगभग 11,087 सैटेलाइट सक्रिय रूप से काम कर रहे थे. इन आंकड़ों से साफ है कि स्टारलिंक नेटवर्क को बड़ा करने के लिए स्पेसएक्स लगातार नए सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेज रही है.

अब स्टारलिंक V3 पर नजर

स्पेसएक्स की योजना यहीं रुकने वाली नहीं है. कंपनी अगली पीढ़ी के स्टारलिंक V3 सैटेलाइट पर भी काम कर रही है. इन सैटेलाइट को Starship रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजने की योजना है.

कंपनी के दस्तावेजों के मुताबिक एक स्टारशिप (Starship) मिशन में 60 तक स्टारलिंक V3 सैटेलाइट भेजे जा सकते हैं. अगर यह क्षमता पूरी तरह इस्तेमाल होती है, तो भविष्य में एक लॉन्च के जरिए अंतरिक्ष में पहुंचाए जाने वाले सैटेलाइट्स की संख्या और बढ़ सकती है. स्पेसएक्स ने 22 सितंबर 2026 को स्टारशिप की पहली ऑर्बिटल टेस्ट फ्लाइट का लक्ष्य रखा है. इस मिशन में शुरुआती Starlink V3 सैटेलाइट तैनात किए जाने की योजना भी बताई गई है.


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आखिर क्यों बनाया जा रहा इतना बड़ा स्टारलिंक नेटवर्क?

स्टारलिंक का सीधा मकसद सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराना है. इसके लिए हजारों सैटेलाइट पृथ्वी की निचली कक्षा यानी Low Earth Orbit (LEO) में स्थापित किए जा रहे हैं.

इस तकनीक का फायदा उन इलाकों में हो सकता है जहां फाइबर या पारंपरिक ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल है. दूरदराज के क्षेत्रों में भी सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना स्टारलिंक की बड़ी योजनाओं में शामिल है.

कुल मिलाकर देखें तो SpaceX की तेज लॉन्चिंग के पीछे कई चीजें एक साथ काम कर रही हैं. Falcon 9 के दोबारा इस्तेमाल होने वाले बूस्टर, एक मिशन में कई सैटेलाइट भेजने की क्षमता और स्टारलिंक नेटवर्क के लगातार विस्तार ने कंपनी की लॉन्चिंग को बेहद तेज बना दिया है. आने वाले समय में स्टारशिप और Starlink V3 के साथ यह रफ्तार किस स्तर तक पहुंचती है, इस पर पूरी अंतरिक्ष इंडस्ट्री की नजर रहेगी.

-भारत एक्सप्रेस

Prashant Kumar

CEO – Bharat Express Digital Chief Advisor to the Chairman & Managing Director and Editor-in-Chief Mr. Prashant Kumar is a digital, media and growth transformation leader with 18+ years of experience across strategy, technology, AI, marketing and business transformation, having worked with leading organisations including Amazon, IBM, Adidas and Tata Consumer Products. At Bharat Express, he leads digital transformation, audience growth, technology, partnerships, monetisation and new business initiatives to build a scalable, future-ready media ecosystem.

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