अब मोकामा में किसका होगा राज?
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच, मोकामा की राजनीति में भूचाल आ गया है. दुलारचंद यादव हत्याकांड (Dulalchand Murder Case) के बाद, ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर बाहुबली अनंत सिंह (Anant Sing) को 1 अक्टूबर को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. उसके बाद उन्हें 14 दिन की रिमांड पर भी भेज दिया गया है. जेल जाने से पहले अनंत सिंह ने ‘सत्यमेव जयते’ लिखकर विरोधियों पर फंसाने की साजिश का आरोप लगाया है, और अपनी जनता को ही चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी सौंप दी है. उनकी गिरफ्तारी ने मोकामा के समीकरणों (Mokama Political Scenario) को तेजी से बदला है. आइये इसे समझने की कोशिश करते हैं.
दुलारचंद यादव हत्याकांड (Dulalchand Murder Case) से पहले मोकामा की लड़ाई बाहुबलियों के बीच मानी जा रही थी. हालांकि, अब अगड़ा वर्सेज पिछड़ा की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है. भूमिहार समुदाय, जो यहां निर्णायक शक्ति रखता है, अपमानजनक वीडियो और साजिश की आशंका के चलते आरजेडी के खिलाफ एकजुट होता दिख रहा है.
दुलारचंद हत्याकांड में अब तक 4 FIR दर्ज हो चुकी हैं. पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक कई गिरफ्तारियां हुईं, हिरासत में पूछताछ जारी है. घटनास्थल पर स्थिति सामान्य, अप्रिय घटना रोकने के लिए पुलिस तैनात है. ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर बाहुबली अनंत सिंह को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है.
चुनाव विकास के मुद्दों पर लड़ रहा था, लेकिन अब फिर अगड़ा बनाम पिछड़ा का मुद्दा छिड़ गया. मोकामा में भूमिहार सबसे बड़ा समुदाय (30% से अधिक), इनका रुख तय करेगा विजेता. भूमिहारों में चर्चा है कि अनंत को फंसाया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स में सूरजभान के खिलाफ माहौल, अनंत को फंसाने में उनका हाथ बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों को कहना है कि RJD उम्मीदवार की अफवाहों का असर नहीं पड़ेगा.
2024 लोकसभा में लालू ने मुंगेर में अगड़ा बनाम पिछड़ा खेला था. JD(U) से ललन सिंह vs RJD से धानुक की अनीता महतो की जंग हुई थी. पैरोल पर अनंत ने ललन के लिए प्रचार किया फिर भी ललन पिछड़े गए. ऐसा साल 2000 के बाद पहली बार हुआ था. भूमिहार और धानुक NDA के पारंपरिक वोटर, अनंत की जीत का आधार.
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बाहुबली अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने मोकामा के चुनाव को विकास के मुद्दों से हटाकर वापस जाति और भावनात्मक संघर्ष के केंद्र में ला दिया है. उनकी पत्नी को अब चुनाव लड़ना है. वहीं इस गिरफ्तारी का सबसे बड़ा राजनीतिक लाभ NDA को मिल सकता है. शव यात्रा में भूमिहारों को गाली दिए जाने के वीडियो और फंसाने की साजिश की अटकलों के बीच, निर्णायक भूमिहार समुदाय (30% से अधिक) का रुख अनंत सिंह के पक्ष में मज़बूत होता दिख रहा है. क्योंकि, मोकामा को ‘भूमिहारों की राजधानी’ कहा जाता है. 1952 से अब तक यहीं के उम्मीदवार जीतते रहे.
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