बिहार चुनाव में मतगणना का दौर लगभग खत्म होते नजर आ रहा है. रुझानों में एनडीए को मिल रही प्रचंड जीत के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्र अब सच्चे सामाजिक न्याय के लिए मतदान कर रहा है, एक ऐसा दृष्टिकोण जहां हर परिवार को अवसर, सम्मान और समानता मिले. एक ऐसा समाज जहां तुष्टिकरण के लिए कोई जगह न हो. तुष्टिकरण के युग की जगह अब सार्वभौमिक संतुष्टि (संतुष्टिकरण) ने ले ली है.
तुष्टिकरण की कोई जगह नहीं- PM
उन्होंने कहा कि भारत की जनता अब केवल विकास चाहती है. भारत अब सच्चे सामाजिक न्याय के लिए वोट कर रहा है, जहां हर परिवार को समानता, सम्मान और अवसर मिलता है और जहां अब तुष्टिकरण की कोई जगह नहीं है.
पीएम मोदी ने कहा कि देशवासी अब सिर्फ विकास चाहते हैं, तेज विकास चाहते हैं, और विकसित भारत बनाना चाहते हैं. नई सरकार के साथ एनडीए अब बिहार में 25 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा की ओर आगे बढ़ रहा है. बिहार ने यह सुनिश्चित किया है कि बिहार की महान भूमि पर फिर कभी जंगलराज की वापसी नहीं होने वाली है.
जंगलराज का आतंक खत्म- PM
उन्होंने कहा कि आज की ये जीत बिहार की उन बहनों और बेटियों की है, जिन्होंने आरजेडी के राज में जंगलराज का आतंक झेला है. ये जीत बिहार के उस नौजवान की है, जिसके भविष्य को कांग्रेस और लाल झंडे वालों के आतंक के कारण बर्बाद किया गया. आज के ये परिणाम वंशवाद की राजनीति के खिलाफ विकासवाद की राजनीति को दिया गया जनादेश है. रेड कॉरिडोर का दौर और आतंकवाद के काले दिन अब इतिहास का हिस्सा बन चुके हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बिहार विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है, और यह प्रगति अजेय है. ये नतीजे उन आलोचकों को करारा जवाब हैं जो कभी बिहार में विकास के विचार का विरोध करते थे, उन लोगों को जो बेशर्मी से दावा करते थे कि बिहार को एक्सप्रेसवे या हाईवे की जरूरत नहीं है, और उन लोगों को जो तर्क देते थे कि बिहार को उद्योगों की जरूरत नहीं है.
छठ को यूनेस्को में शामिल करना- PM
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के विकास में बिहार के लोगों की बहुत बड़ी भूमिका रही है, लेकिन जिन लोगों ने दशकों तक देश पर शासन किया, उन लोगों ने बिहार को बदनाम किया. इन लोगों ने न बिहार के गौरवशाली अतीत का सम्मान किया और न ही यहां की परंपरा और संस्कृति का आदर किया. सोचिए, जो लोग छठ पूजा को ड्रामा कह सकते हैं, वो लोग बिहार की परंपरा का कितना सम्मान करते होंगे. इनकी हेकड़ी देखिए, आरजेडी और कांग्रेस ने आज तक छठी मैया से माफी नहीं मांगी, और बिहार के लोग ये कभी नहीं भूलेंगे.
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार छठ को यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल करने के लिए काम कर रही है. इसका उद्देश्य इस संस्कृति की वैश्विक और राष्ट्रीय पहचान को बढ़ावा देना और दुनिया भर में इसके साथ गहरा जुड़ाव पैदा करना है.
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