Dharmendra Asthi Visarjan: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार और सभी के चहीते एक्टर घर्मेंद्र अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं. एक्टर नें 24 नवंबर को आखिरी सांस ली और करीब नौ दिन बाद एक्टर के परिवार ने उत्तराखंड़ स्थित हर की पौड़ी में उनका अस्थि विसर्जन किया.
लेकिन इस बीच उनके दोनों बेटे सनी और बॉबी देओल घाट पर दिखाई नहीं दिए जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई सवाल खड़े हो गए. ऐसे में सबके मन में ये बात आना जाहिर था कि आखिर परिवार के बीच सब ठीक है या नहीं. वहीं अब इस पूरे मामले से पर्दा उठ गया है और दोनों बेटों की गैरमौजूदगी का कारण भी साफ हो गया है.
हर की पौड़ी पर अस्थि विसर्जन की विधि करवाने वाले पंडित रोहित शिठोरिया ने मीडिया से बातचीत में ये बात साफ की कि धर्मेंद्र का क्रियाकर्म उनके बेटों ने नहीं, बल्कि पोते करण देओल ने किया. पंडित रोहित के मुताबिक, देओल परिवार एक दिन पहले हरिद्वार पहुंच चुका था और परिवार के दो सदस्य उनसे सारी जानकारी लेने आए थे.
उन्होंने बताया कि अस्थि विसर्जन का कार्यक्रम 3 दिसंबर को तय किया गया. उन्होंने कहा- “हमें पहले पीलीभीत होटल बुलाया गया, जहां वे ठहरे थे. वहां जाकर उन्होंने कहा कि अस्थि का कार्य शुरू कराते हैं, और अस्थियां हर की पौड़ी ले चलेंगे.”
पंडित रोहित आगे कहते हैं कि किसी निजी कारण की वजह से सनी देओल और बॉबी देओल घाट तक नहीं आए. उनकी जगह करण देओल और एक और रिश्तेदार वहां पहुंचे. उन्होंने ही हर की पौड़ी पर पूरे विधि-विधान से अस्थि विसर्जन किया.
बाकी परिवारजन, जिनमें सनी और बॉबी भी शामिल थे, गेस्ट हाउस में ही पिंडदान की विधि में उपस्थित रहे. गेस्ट हाउस के पास बह रही गंगा में कुछ कर्म पूरे किए गए. पंडित के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे अस्थि विसर्जन संपन्न हुआ और उसके बाद परिवार अपने आगे के कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गया.
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अस्थि विसर्जन से पहले बॉबी देओल का एक भावुक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे बच्चों से लिपटकर बुरी तरह रोते दिखे. धर्मेंद्र अपने दोनों बेटों के बेहद करीब थे, और उनकी विदाई ने पूरे देओल परिवार को हिला कर रख दिया. सनी देओल के वीडियो ने भी चर्चा बटोरी, जिसमें वे पैपराजी पर नाराज होते हुए कहते दिखे- “क्या आप लोगों ने शर्म बेच खाई है?”
धर्मेंद्र पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. सांस लेने में तकलीफ बढ़ने के बाद उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत बिगड़ने पर वे वेंटिलेटर पर भी रहे. कुछ दिन पहले उन्हें छुट्टी मिल गई थी, लेकिन अंत में वे जीवन की लड़ाई हार गए. 24 नवंबर को उन्होंने आखिरी सांस ली और इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
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– भारत एक्सप्रेस
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