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Bhramari Pranayama Benefits: दिमाग शांत करेगा 2 मिनट का भ्रामरी प्राणायाम, जानें सही विधि और सावधानियां

Bhramari Pranayama Benefits: आज की व्यस्त दिनचर्या में तनाव, गुस्सा और अनिद्रा आम समस्याएं बन चुकी हैं. ऐसे में मन की शांति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है. योग शास्त्र में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ‘भ्रामरी प्राणायाम’ को अत्यंत प्रभावी माना गया है. महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग का यह चौथा चरण केवल 2 मिनट के अभ्यास से दिमाग को शांत करने की अद्भुत क्षमता रखता है.

क्या है ‘भ्रामरी’ का अर्थ?

‘भ्रामरी’ शब्द का अर्थ है ‘भौंरा’. इस प्राणायाम को करते समय सांस छोड़ते हुए जो ध्वनि निकलती है, वह ठीक भौंरे के गुंजन जैसी होती है. इसी वजह से इसे भ्रामरी प्राणायाम कहा जाता है. यह शरीर में प्राण-शक्ति (जीवन ऊर्जा) का विस्तार कर नसों को गहरा आराम पहुंचाता है.

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इसका नियमित अभ्यास दिमाग और तंत्रिका तंत्र (nervous system) को शांत करता है. इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
तनाव और गुस्से पर नियंत्रण: यह मन की बेचैनी को दूर कर गुस्से को शांत करता है.
एकाग्रता और स्मरण शक्ति: बच्चों और छात्रों के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है, क्योंकि इससे सोचने-समझने और याद रखने की क्षमता बढ़ती है.
अनिद्रा से राहत: जिन्हें नींद न आने या छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेने की आदत है, उनके लिए यह अभ्यास किसी रामबाण से कम नहीं है.

भ्रामरी प्राणायाम करने की सही विधि

किसी शांत वातावरण में सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें.
अपनी आंखों को कोमलता से बंद करें.
अपने दोनों हाथों के अंगूठों से कानों को हल्का बंद करें और तर्जनी उंगली (index finger) को माथे पर रखें. बाकी उंगलियों को आंखों के ऊपर हल्का टिकाएं (षण्मुखी मुद्रा).
अब नाक से गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए मुंह बंद रखकर भौंरे की तरह ‘हम्म्म्म’ (Humming) की गुंजन करें.
इस प्रक्रिया को 5 से 7 बार दोहराएं.

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अभ्यास के दौरान बरतें ये सावधानियां

सही समय: इसे हमेशा खाली पेट या भोजन करने के 3-4 घंटे बाद ही करें.
ध्वनि की सहजता: गुंजन की आवाज को जबरदस्ती तेज न करें, इसे सहज और प्राकृतिक रहने दें.
स्वास्थ्य स्थितियां: कान या साइनस के गंभीर रोग से पीड़ित लोग इसका अभ्यास न करें.
विशेष सलाह: गर्भवती महिलाएं और हृदय रोगी डॉक्टरी परामर्श के बाद ही इसे अपनाएं. यदि अभ्यास के दौरान चक्कर या असुविधा महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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