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हेल्थ

Fiber Diet: वयस्क को रोजाना 25 से 35 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है. फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें पाचन दुरुस्त रखने के साथ वजन और डायबिटीज को भी नियंत्रित करते हैं.

द लैंसेट की नई स्टडी के अनुसार, मिडिल एज में ब्लड टेस्ट के जरिए अल्जाइमर के शुरुआती संकेतों की पहचान संभव है. खून में टाऊ और अमाइलॉइड-बीटा प्रोटीन के बायोमार्कर्स से लक्षण दिखने से सालों पहले जोखिम का पता लगाया जा सकता है.

Bhramari Pranayama Benefits and Steps: भागदौड़ भरी जिंदगी में भ्रामरी प्राणायाम तनाव, गुस्सा और अनिद्रा की समस्या को दूर कर मन को तुरंत शांत करने में मददगार है. आयुष मंत्रालय के अनुसार इसके नियमित अभ्यास से बच्चों और बड़ों की एकाग्रता बढ़ती है, हालांकि इसे करते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं.

लंदन में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय ने प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ आचार्य मनीष की वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल से विशेष मुलाकात कराई. इस दौरान अनिल अग्रवाल ने आचार्य मनीष के विजन की सराहना करते हुए कहा कि वे दुनिया भर में भारतीय संस्कृति और सनातन चिकित्सा पद्धति का मान बढ़ाएंगे.

Acharya Manish: आचार्य मनीष ने कहा कि मानव शरीर बीमार होने के लिए नहीं बना है, लेकिन हमारी जीवनशैली ऐसी हो गई है कि हम लगातार बीमारियों को न्योता दे रहे हैं. उन्होंने किडनी, हृदय, लीवर, शुगर, ब्लड प्रेशर और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं के पीछे जीवनशैली और खानपान को अहम कारण बताया.

Delhi News: नई दिल्ली के VMMC और सफदरजंग हॉस्पिटल ने 22 अगस्त 2026 को पहली बार रोबोट-असिस्टेड टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक की.

HBCHRC CANCER CONCLAVE 2026: होमी भाभा कैंसर अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर (HBCH&RC) पंजाब ने नया चंडीगढ़ में 3-दिवसीय अकादमिक 'होमी भाभा कैंसर कॉन्क्लेव 2026' का शुभारंभ किया है, जिसमें देश भर के विशेषज्ञ कैंसर इलाज की आधुनिक तकनीकों पर मंथन करेंगे.

वजन घटाने के नाम पर पिल्स, डिटॉक्स ड्रिंक्स से लेकर फुट पैच तक का बाजार करोड़ों की कमाई कर रहा है. ‘नो डाइट, नो एक्सरसाइज’ जैसे दावों के बीच ASCI, CCPA और अमेरिकी FDA की कार्रवाइयों ने इन भ्रामक विज्ञापनों और फर्जी दावों की पोल खोल दी है. जानिए क्या है इस फैट बर्न इंडस्ट्री का पूरा सच.

Mental Health Insurance: भारत में मानसिक स्वास्थ्य बीमा को लेकर विशेषज्ञों ने थेरेपी, काउंसलिंग और नियमित फॉलो-अप को पर्याप्त कवरेज में शामिल करने की जरूरत बताई है. मौजूदा पॉलिसियों में ओपीडी इलाज, वेटिंग पीरियड और कवरेज लिमिट को लेकर अंतर है, जिससे मरीजों पर इलाज का आर्थिक बोझ बढ़ सकता है.

Dengue platelet count: डेंगू में प्लेटलेट्स कम होना आम है, लेकिन सिर्फ प्लेटलेट काउंट से मरीज की गंभीरता तय नहीं की जाती. नेशनल गाइडलाइन के मुताबिक ब्लीडिंग, मरीज की हालत और हेमाटोक्रिट जैसे संकेतों पर नजर रखना जरूरी है.