TECH SUCCESS: आज के समय में जब भी किसी बड़ी कामयाबी की बात होती है, तो लोगों के दिमाग में सबसे पहले आईआईटी (IIT) या एमआईटी (MIT) जैसे बड़े संस्थानों की डिग्रियां आने लगती हैं. लेकिन भारत के 19 साल के एक युवा आयुष सिंह ने इस सोच को पूरी तरह से बदल दिया है. आयुष के पास कोई बड़ी कॉलेज डिग्री नहीं है, लेकिन वे अपनी मेहनत और अनोखी सोच के दम पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बिजनेस से हर महीने करीब 1 करोड़ रुपये कमा रहे हैं. उनकी यह सफलता इंटरनेट पर तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है.
आयुष सिंह की यह कामयाबी रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे एक लंबा संघर्ष छिपा है. साल 2020 में जब पूरा देश कोविड-19 महामारी के संकट से जूझ रहा था, तब आयुष के परिवार पर भी गहरा आर्थिक संकट आ गया था. उस समय आयुष की उम्र महज 13 साल थी. घर के मुश्किल हालातों के बीच उन्होंने हार नहीं मानी. उनके पास एक पुराना लैपटॉप, धीमा इंटरनेट और कुछ पुराने ऑनलाइन कोर्सेज थे. इसी सीमित संसाधन और अपनी गहरी जिज्ञासा के भरोसे उन्होंने खुद से मशीन लर्निंग और एआई (AI) की बारीकियां सीखनी शुरू कीं.
आयुष की लगन का असर बहुत जल्द दिखने लगा. खुद से कोडिंग सीखने के कुछ ही महीनों के भीतर उन्हें विदेशी स्टार्टअप्स के साथ काम करने के मौके मिलने लगे. जब वे केवल 14 साल के थे, तब दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान एमआईटी (MIT) ने उनके बनाए एक कोर्स की सार्वजनिक रूप से तारीफ की और दूसरों को इसे सीखने की सलाह दी. इसके बाद आयुष ने अमेरिका के एक स्टार्टअप के लिए ‘नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग’ (NLP) सिस्टम तैयार किया और वे डेटा साइंटिस्ट के रूप में काम करने लगे. उन्होंने कम उम्र में ही ‘एन्टर्न’ (Antern) और ‘सेकंड ब्रेन लैब्स’ (Second Brain Labs) नाम की कंपनियों की नींव भी रख दी.
तकनीकी रूप से बेहद मजबूत होने के बाद भी शुरुआती दिनों में आयुष को अपनी इस कला से ज्यादा पैसे नहीं मिल रहे थे. वे भारत के सैकड़ों इंजीनियरों को एआई सिखा रहे थे, लेकिन खुद उस तरह से कमाई नहीं कर पा रहे थे. उनकी जिंदगी में असली बदलाव तब आया जब उन्होंने ‘टॉपमेट’ (Topmate) प्लेटफॉर्म के को-फाउंडर दिनेश सिंह से संपर्क किया. दिनेश सिंह ने बताया कि आयुष के पास ज्ञान तो पूरा था, लेकिन उसे सही तरीके से पेश करना और बेचना नहीं आता था. जब आयुष ने अपने कोर्सेज को सही पैकेजिंग और सही सिस्टम के साथ पेश किया, तो उनका बिजनेस चल पड़ा. आज वे टॉपमेट प्लेटफॉर्म पर अपने प्रीमियम एआई कोर्सेज (Cohorts) के जरिए हर महीने 1 करोड़ रुपये की शानदार कमाई कर रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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