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सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद जागा NHAI: नेशनल हाईवे के किनारे होंगे साफ, हटेंगे खानें-पीने की जगहें और पार्किंग एरिया

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एनएचएआई (NHAI) ने नेशनल हाईवे से अवैध पार्किंग और अतिक्रमण हटाने का मेगा अभियान शुरू किया है. इसके लिए देश भर में 595 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है. हाईवे सुरक्षा को दुरुस्त करने के लिए अवैध ढाबों पर कार्रवाई होगी.

NHAI To Clear 595 Illegal Parking Sites and Encroachments On Highways

देश के हाईवे को सुरक्षित और जाम-मुक्त बनाने के लिए नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक बहुत बड़ा अभियान शुरू किया है. एनएचएआई ने देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध पार्किंग, अवैध ढाबों और अतिक्रमण को हटाने के लिए कमर कस ली है. इसके तहत पूरे देश में ऐसी 595 सबसे खतरनाक और संवेदनशील जगहों की पहचान की गई है, जहां ट्रकों की अवैध पार्किंग और अवैध कब्जे की वजह से आए दिन भीषण एक्सीडेंट होते हैं.

बुधवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि यह पूरा एक्शन सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद लिया जा रहा है. कोर्ट ने चिंता जताई थी कि हाईवे के किनारे बेतरतीब खड़े रहने वाले ट्रक हादसों का सबसे बड़ा कारण बनते हैं, इसलिए उन्हें केवल तय जगहों (Lay-bys) पर ही पार्क करने की इजाजत होनी चाहिए.

रसूखदार अवैध ढाबों और होटलों पर भी गिरेगी गाज

हाईवे के किनारे खुले अवैध ढाबे, रेस्टोरेंट और दुकानें अक्सर ट्रकों की अवैध पार्किंग को बढ़ावा देते हैं. ट्रक ड्राइवर खाना खाने या आराम करने के लिए हाईवे की मुख्य लेन पर ही गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के लिए मौत का कुआं तैयार हो जाता है. एनएचएआई अब कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवेज एक्ट, 2002 के तहत इन सभी अवैध कब्जों को हटाने जा रही है. इस काम को सख्ती से अमलीजामा पहनाने के लिए राज्यों के साथ मिलकर हर जिले में ‘डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स’ बनाई जा रही है, ताकि पुलिस और प्रशासन मिलकर तुरंत एक्शन ले सकें.

तीसरी आंख से होगी निगरानी, खराब कैमरों की आएगी शाम

सिर्फ बुलडोजर चलाना ही एनएचएआई का एकमात्र प्लान नहीं है. हाईवे पर सुरक्षा को हाईटेक करने के लिए सभी फील्ड ऑफिसों को तुरंत ‘एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ATMS) का ऑडिट करने का हुक्म दिया गया है. इसका मतलब यह है कि हाईवे पर लगे ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरे, ऑटोमैटिक एक्सीडेंट डिटेक्शन सिस्टम, डिजिटल साइनबोर्ड और इमरजेंसी कॉलिंग बॉक्स अगर खराब पाए गए, तो उन्हें तुरंत ठीक किया जाएगा.

इसके साथ ही, सफर के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हाईवे पर एम्बुलेंस और रिकवरी वैन (क्रेन) की तैनाती को सबसे पहली प्राथमिकता दी जा रही है. हाईवे पेट्रोलिंग की गाड़ियां अब लगातार गश्त करेंगी ताकि कहीं भी कोई गाड़ी खराब या खड़ी दिखे, तो उसे तुरंत हटाया जा सके. सरकार का साफ कहना है कि इन कदमों से न सिर्फ सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि देश के कोने-कोने में यात्रियों और मालगाड़ियों का सफर बेहद सुरक्षित और आसान हो जाएगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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