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भाजपा की सरकार फिर धरने पर क्यों बैठे मंत्री….. जानिए क्या है पूरा मामला?

राजस्थान के अलवर में सफाईकर्मियों की नियुक्ति का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. मामला इतना गंभीर हो गया है कि प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा खुद नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि जिन अभ्यर्थियों का चयन सफाईकर्मी भर्ती प्रक्रिया में हुआ था, उन्हें लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार है और अब इस मामले को और टाला नहीं जा सकता है.

दरअसल, सफाईकर्मी भर्ती प्रक्रिया में कुल 329 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था. लेकिन चयन के करीब 15 साल बाद भी इन लोगों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है. इतने लंबे समय से नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे चयनित अभ्यर्थियों के लिए यह मामला लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है.

वन मंत्री संजय शर्मा ने सफाईकर्मियों की नियुक्ति की मांग को लेकर नगर निगम में धरना शुरू किया है. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक चयनित सफाईकर्मियों की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा.

मंत्री के इस कदम से प्रशासन और राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है. आमतौर पर किसी मंत्री का अपनी ही सरकार के स्तर पर जुड़े किसी प्रशासनिक मुद्दे को लेकर धरने पर बैठना चर्चा का विषय बन जाता है. अलवर में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है.

329 चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अटका

सबसे बड़ा सवाल उन 329 चयनित सफाईकर्मियों के भविष्य को लेकर है, जो भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. 15 साल का लंबा समय किसी भी उम्मीदवार के लिए बहुत मायने रखता है. ऐसे में अब उनकी मांग को लेकर सरकार और प्रशासन पर जल्द फैसला लेने का दबाव बढ़ गया है.

संजय शर्मा का धरना इस मुद्दे को एक बार फिर सीधे तौर पर सामने ले आया है. अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति कब तक मिलती है.

अमित शाह के दौरे से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

इस पूरे घटनाक्रम का समय भी खास माना जा रहा है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 16 अगस्त को अलवर दौरा प्रस्तावित है. उनके दौरे से ठीक पहले वन मंत्री संजय शर्मा का सफाईकर्मियों की नियुक्ति को लेकर धरने पर बैठना बीजेपी के भीतर भी चर्चा का विषय बन गया है.

अलवर में पहले से ही इस मुद्दे को लेकर लोगों की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं. ऐसे में अब मंत्री के धरने के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है. राजनीतिक तौर पर भी इसे अहम घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे से पहले स्थानीय स्तर पर उठे इस मुद्दे का असर साफ दिखाई दे रहा है.

ये भी पढ़ें: गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, कहा-छात्र आंदोलन पर चर्चा को तैयार

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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