हरियाणा के अंबाला कैंट से एक ऐसी खबर आई है जिसने प्रदेश के चिकित्सा जगत को हैरान कर दिया है. अक्सर हम सुनते हैं कि जटिल ऑपरेशन या हार्ट सर्जरी के लिए लोग दिल्ली या चंडीगढ़ के बड़े प्राइवेट अस्पतालों का रुख करते हैं, लेकिन अंबाला कैंट के नागरिक अस्पताल ने साबित कर दिया है कि अगर सरकारी सिस्टम में इच्छाशक्ति हो, तो वहां भी करिश्मा हो सकता है.
ताजा मामला हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के भाई राजिंदर विज से जुड़ा है. हाल ही में अंबाला कैंट के हार्ट सेंटर में उनकी एक बेहद जटिल हार्ट सर्जरी की गई, जिसमें डॉक्टरों ने एक साथ 4 स्टेंट डालकर नई मिसाल पेश की है.
इस सफल सर्जरी को अंजाम देने वाले डॉक्टर प्रताप कुमार ने बताया कि यह कोई सामान्य केस नहीं था. राजिंदर विज के दिल की धमनियों के आसपास काफी ज्यादा कैल्शियम जमा हो गया था, जो काफी खतरनाक स्थिति मानी जाती है. आमतौर पर किसी भी मरीज को एक या दो स्टेंट की जरूरत पड़ती है, लेकिन उनकी स्थिति को देखते हुए एक साथ 4 स्टेंट डालने का फैसला लिया गया.
डॉक्टर प्रताप, जो मूल रूप से केरल में अपनी सेवाएं देते हैं लेकिन अंबाला कैंट अस्पताल से पुराने जुड़ाव के कारण यहां पहुंचे थे, उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन साढ़े तीन घंटे तक चला. हरियाणा के किसी नागरिक अस्पताल के इतिहास में संभवतः यह पहली बार है जब इतनी जटिल प्रक्रिया को इतने सफल तरीके से अंजाम दिया गया हो.
राजिंदर विज ने खुद अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि डॉक्टरों ने पहले उन्हें बाईपास सर्जरी की सलाह दी थी. हम सभी जानते हैं कि बाईपास सर्जरी कितनी बड़ी और डरावनी प्रक्रिया होती है, जिससे हर कोई बचना चाहता है. राजिंदर विज भी बाईपास नहीं करवाना चाहते थे.
जब उन्होंने डॉक्टर प्रताप से सलाह ली, तो डॉक्टर ने आत्मविश्वास के साथ एंजियोग्राफी और स्टेंटिंग का विकल्प सुझाया. राजिंदर विज ने बताया, “कल मेरी सर्जरी हुई और ताज्जुब की बात यह है कि 4 स्टेंट डलने के बाद भी मैं कुछ ही घंटों में बिल्कुल नॉर्मल महसूस करने लगा. मैं उसी रात अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर भी आ गया.”
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अंबाला कैंट का यह नागरिक अस्पताल कैबिनेट मंत्री अनिल विज का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है. उन्होंने इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. आज यह अस्पताल न केवल अंबाला बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी उम्मीद की किरण बन गया है. मंत्री के भाई का खुद सरकारी अस्पताल में इलाज करवाना इस बात का प्रमाण है कि अब सरकारी सुविधाओं पर लोगों का भरोसा लौट रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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