पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे बड़े हथियार- उनके प्रसिद्ध नारे ‘मां, माटी, मानुष’को ही उनके खिलाफ मोड़कर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. शाह का ये जुबानी हमला तब किया जब 29 अप्रैल को राज्य की शेष 142 सीटों पर दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होना है.
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक तीखा पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा कि बंगाल की जनता ने कभी ममता दीदी को ‘मां, माटी, मानुष’ की हिफाजत के लिए सत्ता सौंपी थी, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि इसी नारे की रक्षा के लिए जनता उन्हें सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है.
शाह ने एक रैली का वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे भारी भीड़ के बीच हुंकार भरते नजर आ रहे हैं. उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि 29 अप्रैल को ‘कमल’ का बटन दबाकर टीएमसी राज का अंत करें.
अमित शाह अपनी रैलियों में ममता सरकार के पिछले 15 सालों का कच्चा-चिट्ठा खोल रहे हैं. उन्होंने ‘मां, माटी, मानुष’ के हर शब्द की अपनी तरह से व्याख्या करते हुए सरकार को घेरा. शाह का आरोप है कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, आम आदमी भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज की चक्की में पिस रहा है. साथ ही गृह मंत्री ने घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बंगाल की धरती असुरक्षित हो गई है.
इतना ही नहीं, शाह ने बंगाल की जनता से वादा किया है कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है, तो राज्य को ‘बंगाली मुख्यमंत्री’ ही मिलेगा, ताकि बाहरी बनाम भीतरी की बहस को खत्म किया जा सके.
दूसरी तरफ, ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी इस अभियान को ‘विभाजनकारी’ बता रही है. ममता ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली की सरकार राज्य के आंतरिक मामलों में जरूरत से ज्यादा दखल दे रही है. उन्होंने बीजेपी की बयानबाजी पर कानूनी कार्रवाई तक की चेतावनी दी है. टीएमसी का पूरा भरोसा अपनी कल्याणकारी योजनाओं और जमीनी संगठन पर है, जो सालों से बंगाल के गांव-गांव में पैठ बनाए हुए है.
2026 का ये चुनाव दोनों पार्टियों के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति जैसा है. पहले चरण में 152 सीटों पर भारी मतदान के बाद अब सबकी निगाहें 29 अप्रैल को होने वाले 142 सीटों के मतदान पर हैं. जहां बीजेपी बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) पर सवार है, वहीं ममता बनर्जी अपनी ‘बांग्ला गौरव’ वाली छवि के साथ मैदान में डटी हैं. बता दें कि चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगें.
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-भारत एक्सप्रेस
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