Bhopal Crime: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से इस वक्त अपराध जगत की एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है. पुलिस ने शहर के पॉश इलाके स्मार्ट सिटी रोड पर हुई 55.50 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती की गुत्थी सुलझा ली है. खाकी की मुस्तैदी का नतीजा यह रहा कि वारदात में शामिल 12 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है. पुलिस ने इनके पास से लूटी गई रकम में से करीब 35 लाख रुपये नकद बरामद करने में भी कामयाबी हासिल की है.
मामले की शुरुआत 8 मार्च से हुई थी, जिसने पूरे भोपाल में सनसनी फैला दी थी. फरियादी दिव्यांग बरोट जब अपनी गाड़ी से स्मार्ट सिटी रोड से गुजर रहे थे, तभी अचानक एक कार सवार बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया. इससे पहले कि दिव्यांग कुछ समझ पाते, हथियारों से लैस बदमाशों ने उन्हें धमकाया और उनके बैग में रखे 55 लाख 50 हजार रुपये लूटकर रफूचक्कर हो गए.
वारदात इतनी पेशेवर तरीके से की गई थी कि लगा था लुटेरे कोई शातिर गिरोह हैं. इस घटना के बाद श्यामला हिल्स थाने में मामला दर्ज किया गया था. राजधानी के सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में इतनी बड़ी डकैती ने पुलिस प्रशासन की साख पर भी सवाल उठा दिए थे.
घटना की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस आयुक्त ने तुरंत मोर्चा संभाला. क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई गईं. पुलिस ने वारदात स्थल के आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों का जाल बिछाया. जांच में पता चला कि यह कोई रैंडम लूट नहीं थी, बल्कि आरोपियों ने बाकायदा रेकी की थी और एक सोची-समझी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया था.
लगातार दबिश और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस की टीमों ने एक-एक कर कुल 12 आरोपियों को दबोच लिया. इनके पास से न केवल 35 लाख रुपये कैश मिले, बल्कि वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ियां और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने भागने के लिए जिन रास्तों का इस्तेमाल किया था, पुलिस ने उन्हीं रास्तों के डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा कर उन्हें घेरा.
भले ही पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. डकैती की कुल रकम 55.50 लाख रुपये थी, जिसमें से अभी 35 लाख ही बरामद हुए हैं. बाकी के करीब 20 लाख रुपये और इस गिरोह के कुछ अन्य फरार साथियों की तलाश में पुलिस की टीमें अभी भी छापेमारी कर रही हैं. पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ में उन ठिकानों का पता चल जाएगा जहां बाकी की रकम छिपाई गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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