बिहार की सियासत में जब-जब राज्यसभा के चुनाव आते हैं, तब-तब रिसॉर्ट और होटलों की राजनीति गरमा जाती है. बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए हो रही वोटिंग के बीच सियासी गलियारों में जबरदस्त हलचल मच गई है. एक तरफ आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने विधानसभा पहुंचकर अपना वोट डाला और जीत का भरोसा जताया, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस खेमे से आई एक खबर ने महागठबंधन के गणित को उलझा दिया है. खबर है कि कांग्रेस के तीन विधायक ‘नॉट रीचेबल’ हो गए हैं, जिससे तेजस्वी यादव की रणनीति पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं.
दरअसल राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से पहले एकजुटता दिखाने के लिए महागठबंधन के विधायकों को पटना के होटल पनाश में ठहराया गया था. सूत्रों के मुताबिक, सुबह जब वोटिंग के लिए निकलने का वक्त आया तो पता चला कि कांग्रेस के तीन विधायक होटल पहुंचे ही नहीं. कल रात से ही इन विधायकों का लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनके फोन लगातार बंद आ रहे हैं. कांग्रेस के बड़े नेता इन विधायकों से संपर्क साधने की जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. इस ‘गायब’ होने की घटना ने विपक्षी खेमे में घबराहट पैदा कर दी है कि कहीं एनडीए ने कोई बड़ी सेंधमारी तो नहीं कर दी.
तेजस्वी यादव राज्यसभा उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह की जीत सुनिश्चित करने के लिए खुद मोर्चा संभाले हुए हैं. रविवार को उन्होंने AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान से मुलाकात की थी, जिसके बाद ओवैसी की पार्टी के सभी 5 विधायकों ने महागठबंधन को समर्थन देने का ऐलान कर दिया. आज सुबह AIMIM के विधायकों के विधानसभा पहुंचने से तेजस्वी को थोड़ी राहत तो मिली लेकिन कांग्रेस विधायकों की ‘बगावत’ या ‘गायब’ होने की खबरों ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेरने का डर पैदा कर दिया है. तेजस्वी खुद पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि वोटिंग के दौरान कोई और चूक न हो जाए.
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आरजेडी में डर का माहौल तो इधर एनडीए खेमे में जीत का जबरदस्त उत्साह दिख रहा है. बीजेपी नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि बिहार की पांचों की पांच सीटें एनडीए ही जीतेगी. शाहनवाज ने तंज कसते हुए कहा कि राजद का प्रत्याशी बुरी तरह हारने वाला है क्योंकि विपक्ष के नेताओं को अपने ही गठबंधन पर भरोसा नहीं है. वहीं जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने भी कहा कि विपक्षी खेमे में असहजता साफ दिख रही है. बता दें कि एनडीए की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार मैदान में हैं और भाजपा का दावा है कि उनके पास जादुई आंकड़े से कहीं ज्यादा वोट मौजूद हैं.
देशभर की 37 राज्यसभा सीटों में से 26 पर उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, लेकिन बिहार की 5, ओडिशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटों पर आज कांटे की टक्कर है. बिहार में एक-एक वोट की कीमत बढ़ गई है, क्योंकि यहां समीकरण बेहद पेचीदा हो चुके हैं. शाम को जब मतपेटियां खुलेंगी, तभी साफ हो पाएगा कि तेजस्वी यादव अपनी सीट बचा पाए या बिहार में एक बार फिर बीजेपी और नीतीश कुमार ने मिलकर ‘खेला’ कर दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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