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शराबबंदी पर बिहार में सियासी बवाल… सदन से सड़क तक भिड़ा पक्ष-विपक्ष, विधायक बोले- तेजस्वी यादव से विधानसभा में बोला भी नहीं जा रहा

बिहार में चल रहे बजट सत्र के दौरान कांग्रेस का बड़ा बयान सामने आया है. नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने शराबबंदी को लेकर तीखी टिप्पणी की है. अभिषेक रंजन ने कहा कि अगर विधानसभा में ब्लड टेस्ट हो जाए तो शराबबंदी की पोल खुल जाएगी कि कौन शराब पीकर आया है.

वहीं दूसरी ओर उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब विधानसभा आए थे तब उनसे (तेजस्वी) बोला भी नहीं जा रहा था और ये लोग शराबबंदी पर सवाल उठा रहे हैं.

कांग्रेस नेता ने क्या कहा?

बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा को लेकर कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर विधानसभा में ब्लड टेस्ट हो जाए तो शराबबंदी की पोल खुल जाएगी. उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि समीक्षा के नाम पर औपचारिकता का कोई मतलब नहीं है.

‘तेजस्वी यादव से विधानसभा में बोला भी नहीं जा रहा था’

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए 10 साल हो गए, मगर इससे बिहार को क्या नुकसान हुआ या क्या फायदा हुआ, इसको लेकर मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सदन में मांग की थी कि इस पर एक बार फिर से समीक्षा की जाए.

इसी के साथ माधव आनंद ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए अभिषेक रंजन को कड़ा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान शराबबंदी कानून को लागू रखना है या हटाना है, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है. मगर जिस तरह से विपक्ष शराबबंदी कानून को लेकर हंगामा कर रहा है, उससे स्पष्ट है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जब विधानसभा आए थे तब उनसे बोला भी नहीं जा रहा था. ऐसे में विपक्ष द्वारा यह सवाल उठाना कि सदन में बैठे लोग भी शराब पीते हैं, यह तो वही बता सकते हैं.


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2016 में लागू हुई थी शराबबंदी

बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून 2 अक्टूबर 2016, गांधी जयंती के दिन से लागू किया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में शराब के उत्पादन, बिक्री, भंडारण, परिवहन और सेवन पर पूरी तरह रोक लगा दी थी.

इससे पहले 1 अप्रैल 2016 को सरकार ने देशी शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था. बाद में 5 अप्रैल 2016 से इस फैसले का दायरा बढ़ाते हुए विदेशी शराब को भी शामिल किया गया और राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी गई.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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