Bihar Village Tax
Bihar Village Tax: बिहार में गांवों में रहना अब महंगा पड़ने वाला है. सम्राट चौधरी सरकार ग्रामीण इलाकों में भी शहरों की तरह होल्डिंग टैक्स समेत कई अन्य तरह के टैक्स लगाने जा रही है. सरकार यह वसूली ग्राम पंचायतों के माध्यम से करेगी. जिसके मुताबिक अगर जिसके पास गांवों में घर और दुकान है, उन्हें 50 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक के होल्डिंग टैक्स देने पड़ेंगे. इसके अलावा कई अन्य प्रकार के भी टैक्स वसूले जाएंगे. अब इस मामले को लेकर विपक्ष, सरकार पर हमलावर हो गई है.
बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह ने इस टैक्स को जजिया कर करार दिया. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार, मुगलों से भी ज्यादा क्रूर तरीके से गांवों में रहने वाले गरीब लोगों को टैक्स वसूलने जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में रहने वाले लोगों का जीवन नरक बनाने के लिए सरकार ने ये कानून लाई है.
अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि सरकार गांव की गरीब जनता को कुचलने का प्रयास कर रही है. सम्राट चौधरी सरकार ने नल-जल, स्ट्रीट लाइट, खेतों में पटवन के नाम पर टैक्स वसूलने जा रही है. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सरकार गांवों में घर बनाने के नाम पर टैक्स वसूलेगी. इसके अलावा गांवों में अगर कोई व्यक्ति रेहड़ी लगाता है, समोसे की दुकान खोलता है या मोची का काम करता है, उसे भी टैक्स देना पड़ेगा.
बिहार सरकार के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स लगाने के फैसले का बिहार के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले कुप्रभाव के मुद्दे पर आयोजित प्रेस वार्ता में संबोधन:
इस प्रेस वार्ता में देश के जाने माने अर्थशास्त्री और भारत सरकार के प्लानिंग कमीशन के पूर्व सचिव और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़… pic.twitter.com/XeVNi6aUtn
— Sudhakar Singh (रोज़गार जहाँ, वोट वहाँ) (@_Sudhaker_singh) July 18, 2026
सुधाकर सिंह ने कहा कि सरकार ने टैक्स को लेकर अपनी योजनाओं की जानकारी नहीं दी है. उन्होंने इसे जनता को तबाह करने का टैक्स बताया.
सम्राट चौधरी सरकार गांवों में शहरों के तर्ज पर होल्डिंग टैक्स लाने जा रही है. इस संबंध में जल्द ही पंचायती राज विभाग आदेश जारी कर देगा और वसूली की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसमें मकान दुकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर सालाना टैक्स, जबकि नल-जल पर मासिक टैक्स देना होगा. सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य की कैबिनेट की बैठक में इन 25 प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई है.
कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी के मुताबिक, गांवों में कर वसूलने का प्रावधान पंचायती राज अधिनियम में पहले से दर्ज है, पर कर वसूलने के लिए अबतक कोई नियमावली नहीं बन पाई थी. अब कैबिनेट की इस नई मंजूरी से गांवों में कर वसूली का रास्ता साफ हो जाएगा.
उन्होंने बताया है कि अब गांवों में, घर, व्यावसायिक उपयोग होने वाली जमीन, हाट, बाजार और होर्डिंग्स पर भी टैक्स वसूली होगी.
नया टैक्स वसूलने के लिए सम्राट चौधरी सरकार अब राज्य की ग्राम पंचायत, वार्ड, पंचायत समिति और जिला परिषद का नए सिरे से परिसीमन करेगी. साल 2011 की जनसंख्या के आधार पर क्षेत्रों का निर्णय किया जाएगा.
ये भी पढ़ें- स्काईरूट को मिला गौतम अडाणी का साथ! विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण पर दी सभी वैज्ञानिकों को दी बधाई
इसको लेकर राज्य कैबिनेट ने बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 11 के तहत परिसीमन तय करने के लिए कह दिया है. इससे ग्राम पंचायतों की संख्या भी बढ़ जाएगी. आने वाले समय में इसी नये परिसीमन के आधार पर ग्राम पंचायत चुनाव होंगे.
-भारत एक्सप्रेस
111 Year Old Woman Longevity Secret: ब्राजील की 111 वर्षीय यूनिस दा सिल्वेरा ने अपनी…
Madhya Pradesh Politics: भोपाल में आज होने वाली बीजेपी की पदयात्रा में राजनाथ सिंह की…
सेर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम लिमिटेड ने Q2 FY27 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए कंसोलिडेटेड…
US Election Impact: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के परिणामों का असर H-1B वीजा, ग्रीन कार्ड के…
Diwali Lucky Plants for Home: दिवाली पर तुलसी, मनी प्लांट, शमी, क्रासुला और केले का…
US Midterm Elections 2026: भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट पिया डंडिया ने फ्लोरिडा हाउस रेस में जीत हासिल…