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सांसद रेखा शर्मा, NBT के चीफ एडिटर एवं जॉइंट डायरेक्टर कुमार विक्रम की मौजूदगी में Brand India पुस्तक का हुआ लोकार्पण

स्वतंत्रता के 100 वर्ष की ओर अग्रसर हो रहे भारत की इस यात्रा के मद्देनज़र आज नई दिल्ली में पुस्तक “Brand India: Story of Bharat in a Changing World” का लोकार्पण किया गया. यह पुस्तक डॉ. हिमांशु राय और डॉ. वर्षा जैन द्वारा लिखित है और भारत की आकांक्षाओं, चुनौतियों और उपलब्धियों का सशक्त चित्रण करती है. यह बताती है कि कैसे भारत एक वैश्विक शक्ति और एक ऐसा ब्रांड बन रहा है जो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो रहा है.

यह पुस्तक केवल अर्थशास्त्र और राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कृति, टैक्नोलॉजी, सतत विकास, नवाचार और अध्यात्म जैसे विविध आयामों में भारत के परिवर्तन की व्यापक दृष्टि प्रस्तुत करती है. इसमें डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी राष्ट्रीय पहलों का भी उल्लेख है, जिन्हें विकसित ‘भारत @2047’ के व्यापक विज़न में समाहित किया गया है.

इन संदर्भों के माध्यम से Brand India भारत को केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि एक सभ्यतागत शक्ति और वैश्विक विचार-नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करता है. इस लोकार्पण समारोह में विशिष्ट अतिथियों में रेखा शर्मा, राज्यसभा सांसद (पंचकूला), युवराज मलिक, डायरेक्टर, नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) और कुमार विक्रम, चीफ एडिटर एवं जॉइंट डायरेक्टर, नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) उपस्थित रहे.

कार्यक्रम में अतिथियों ने रखे अपने विचार

इस अवसर पर लेखक डॉ. हिमांशु राय ने कहा, ‘Brand India: Story of Bharat in a Changing World’ उन समस्त क्रियाओं और दिनचर्याओं से निर्मित है जिनसे हम व्यवहार करते हैं, नवाचार करते हैं, रचनात्मकता दिखाते हैं और योगदान करते हैं. यह 1.4 अरब भारतीयों द्वारा लिखी गई एक कहानी है. हमने इस अवधारणा को इसलिए चुना क्योंकि 21वीं सदी में आगे बढ़ते हुए भारत अपनी शाश्वत विश्वगुरु की भूमिका, को निरंतर निभा रहा है और पूरी दुनिया को ज्ञान, मूल्य और नवाचार से दिशा दे रहा है. ऐसे आख्यान इस निरंतरता और पुनर्जागरण की भावना को संजोने के लिए अनिवार्य हैं.

पुस्तकें समाजों को गढ़ती हैं: युवराज मलिक

इसके अलावा युवराज मलिक ने कहा, “Brand India: Story of Bharat in a Changing World समयानुकूल, प्रासंगिक और अत्यंत आवश्यक पुस्तक है. नेशनल बुक ट्रस्ट का सदैव मानना रहा है कि पुस्तकें समाजों को गढ़ती हैं, और यह पुस्तक नए भारत की आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करती है, एक ऐसा भारत जो आत्मविश्वासी, साहसी और भविष्य के लिए तैयार है. लेखकों ने जिस सटीकता से भारत की यात्रा का मानचित्रण किया है और भविष्य को अभिव्यक्त किया है, वह प्रशंसनीय है. उन्होंने शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रेरणादायी कथा के साथ जोड़ा है, जिससे यह कृति ज्ञानवर्धक और प्रभावशाली बन गई है.”

ब्रांड इंडिया भारत के मूल्यों और आकांक्षाओं के बीच एक संवाद है: डॉ. वर्षा जैन

लेखिका डॉ. वर्षा जैन ने कहा, “Brand India भारत के शाश्वत मूल्यों और उसकी आधुनिक आकांक्षाओं के बीच एक संवाद है. यह भारत की उस प्रतिज्ञा को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है जिसमें भारत एक साथ आध्यात्मिकता में रचा-बसा है और तकनीक, सतत विकास तथा रचनात्मकता में अग्रणी है. मेरी आशा है कि यह पुस्तक नीतिनिर्माताओं, उद्यमियों, विद्यार्थियों और नागरिकों, सभी को प्रेरित करेगी कि वे भारत की 2047 और उससे आगे की यात्रा में सक्रिय सहभागी बनें.”

भारत का भविष्य महिलाओं को समान स्थान और अवसर देने में है: MP रेखा शर्मा

सांसद रेखा शर्मा ने ब्रांड इंडिया की आधारशिला के रूप में सशक्तिकरण पर बल दिया. उन्होंने कहा, “भारत का भविष्य महिलाओं को प्रत्येक क्षेत्र में समान स्थान और अवसर देने में है, हमारे युवाओं को संवारने में है और ग्रामीण और शहरी समृद्धि के बीच की खाई को पाटने में है.”

उन्होंने कहा, “यह पुस्तक केवल एक शैक्षणिक योगदान ही नहीं है, बल्कि एक प्रेरणादायी आह्वान भी है. मैं लेखकों की सराहना करती हूँ कि उन्होंने प्रत्येक नागरिक को भारत का ब्रांड एंबेसडर मानने के लिए आमंत्रित किया है और इस दृष्टि को इतनी स्पष्टता से प्रस्तुत किया है.” कुमार विक्रम ने धन्यवाद ज्ञापन दिया.

पंचकूला सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि भारत केवल एक आर्थिक चमत्कार ही नहीं रच रहा है, यह एक ऐसी सभ्यतागत चेतना को पुनर्जीवित कर रहा है जो सहस्राब्दियों से जीवित है. डॉ. हिमांशु राय और डॉ. वर्षा जैन की यह पुस्तक अद्भुत रूप से इस बात को रेखांकित करती है कि हम एक ऐसा विकास मॉडल गढ़ रहे हैं जो मानवीय, समावेशी और हमारी सांस्कृतिक जड़ों में गहराई से निहित है. मैं लेखकों को उनकी दृष्टि और विद्वत्ता के लिए बधाई देता हूँ, जिन्होंने भारत की यात्रा को इतने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है.

2047 की ओर अग्रसर होते भारत में यह पुस्तक एक यात्रा को प्रतिबिंबित करती है और यह स्मरण कराती है कि विकसित भारत की यात्रा उसके लोगों द्वारा, उसके लिए, और संपूर्ण विश्व के समक्ष लिखी जाएगी.

-भारत एक्सप्रेस 

विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार

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