BSF Seized Pakistani Fishermen Boat: गुजरात के कच्छ में फैला 96 किलोमीटर लंबा सर क्रीक का इलाका जहां दूर-दूर तक केवल गहरा दलदल, तीखा खारा पानी और समुद्री ज्वार-भाटे की खामोशी पसरी रहती है. यह इलाका जितना भौगोलिक रूप से दुर्गम है, सुरक्षा की दृष्टि से उतना ही संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण भी है. शनिवार की शाम जब सर क्रीक के धुंधलके में एक संदिग्ध पाकिस्तानी फाइबर बोट ने भारतीय जलसीमा की लक्ष्मण रेखा लांघी, तो सीमा सुरक्षा बल (BSF) के मुस्तैद प्रहरियों की नजर से वह बच न सकी.
बीएसएफ के जांबाजों ने तत्काल घेराबंदी करते हुए एक पाकिस्तानी नाव को जब्त कर लिया और उस पर सवार चार पाकिस्तानी नागरिकों को दबोच लिया. पहली नजर में भले ही इसे केकड़े और मछली पकड़ने के बहाने भटकी हुई नाव बताया जा रहा हो, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के जेहन में बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि क्या सीमा पार बैठा तंत्र मछुआरों की आड़ में समुद्री सीमा की टोहने की कोशिश कर रहा है?
घटनास्थल गुजरात के कच्छ जिले से सटी भारत-पाकिस्तान समुद्री सीमा पर स्थित संवेदनशील सर क्रीक (Sir Creek) क्षेत्र की है. शनिवार शाम, जब बीएसएफ की पेट्रोलिंग टीम ने जलसीमा में अवैध गतिविधि को भांपते हुए इन्हें इंटरसेप्शन किया.
प्रारंभिक जांच के अनुसार, चारों आरोपी पाकिस्तान के सिंध प्रांत (Sindh fishermen arrested by BSF) के रहने वाले हैं. इनसे एक फाइबर फिशिंग बोट को भारतीय जलसीमा के भीतर से जब्त किया गया. BSF फिलहाल इनसे और अधिक पूछताछ कर रही है.
सर क्रीक का दलदली इलाका समुद्री जीवों, विशेषकर केकड़ों और मछलियों से समृद्ध है. पाकिस्तानी नागरिक अक्सर सीमा लांघने के बाद यही दलील देते हैं कि वे रास्ता भटक गए थे. लेकिन भारतीय सुरक्षा बल इस दलील को आसानी से स्वीकार नहीं करते. 96 किलोमीटर में फैला यह मुहाना भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवादित समुद्री क्षेत्र रहा है, जहां से अतीत में घुसपैठ की कई कोशिशें हो चुकी हैं.
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पकड़े गए चारों व्यक्तियों और जब्त फाइबर बोट की बारीकी से पड़ताल की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बोट के गुप्त हिस्सों में कोई संदिग्ध उपकरण, हथियार या मादक पदार्थ तो नहीं छिपाए गए थे. ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (JIC) में खुफिया एजेंसियां इनसे पूछताछ कर रही हैं कि क्या इनके पीछे पाकिस्तानी मरीन सिक्योरिटी एजेंसी या किसी आतंकी नेटवर्क का कोई गुप्त निर्देश था.
मुंबई 26/11 के जख्मों के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने समुद्री सीमाओं पर किसी भी किस्म की ढिलाई न बरतने का संकल्प ले रखा है. सर क्रीक के गहरे दलदल और तेज लहरों के बीच बीएसएफ जवानों की यह त्वरित कार्रवाई साबित करती है कि भारतीय सीमा में घुसपैठ का कोई भी बहाना अब बर्दाश्त नहीं होगा. मछली पकड़ने के नाम पर हो या किसी सुनियोजित साजिश के तहत, सीमा पार से उठने वाले हर संदिग्ध कदम का अंजाम भारतीय सुरक्षा बलों की कड़ी गिरफ्त ही होगा.
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