भारत तेजी से अपनी औपनिवेशिक मानसिकता और गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ रहा है. इसी कड़ी में सोमवार (आज) को राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है. राष्ट्रपति परिसर के केंद्रीय प्रांगण से ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस (Edwin Lutyens) की मूर्ति को हटाकर वहां स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (C. Rajagopalachari) की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा. इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन में भव्य ‘राजाजी उत्सव’ मनाया जा रहा है.
रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने इस ऐतिहासिक बदलाव की जानकारी दी. पीएम मोदी ने लाल किले से किए गए अपने ‘पंच-प्राण’ के आह्वान को याद करते हुए कहा, “उनमें से एक प्राण है. गुलामी की मानसिकता से मुक्ति. आज देश गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रतीकों को महत्व दे रहा है. हमारे राष्ट्रपति भवन ने भी इस दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
पीएम मोदी ने आजादी के बाद भी दशकों तक औपनिवेशिक काल के प्रतीकों के बने रहने पर गहरा खेद व्यक्त किया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के बाद भी, दशकों तक ब्रिटिश प्रशासकों की मूर्तियों को राष्ट्रपति भवन में रहने की अनुमति दी गई, लेकिन देश के महानतम सपूतों की मूर्तियों को वहां जगह देने से इनकार कर दिया गया. पीएम ने स्पष्ट किया कि अब एडविन लुटियंस की प्रतिमा के स्थान पर ‘राजाजी’ की प्रतिमा स्थापित की जाएगी.
सी. राजगोपालाचारी के सार्वजनिक जीवन में योगदान पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे उन विरले नेताओं में से थे जो सत्ता को पद नहीं, बल्कि ‘सेवा’ का माध्यम मानते थे. सार्वजनिक जीवन में उनका आचरण, संयम और स्वतंत्र सोच आज भी हर भारतीय को प्रेरित करती है.
ये भी पढ़ें: ‘कांग्रेस बार-बार क्रैश होती है’, BJP नेता ने राहुल गांधी को धोया, पीएम मोदी को बताया भविष्य का AI आर्किटेक्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को जानकारी दी कि ‘राजाजी उत्सव’ के तहत सी. राजगोपालाचारी के जीवन और विरासत को समर्पित एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जा रहा है. यह प्रदर्शनी 24 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी. पीएम मोदी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे समय निकालकर इस प्रदर्शनी का दौरा जरूर करें और अपने इतिहास को करीब से जानें.
आसमान में हुए जानलेवा हमले के बीच सूझबूझ दिखाकर 174 यात्रियों की जान बचाने वाले…
Smit Machchhar Attack: फ्लाईदुबई FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की…
Speed Post New Rule: डाकघर में स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री कराने के नियम बदल चुके…
Aaj Ka Mausam: देशभर से मॉनसून की विदाई का दौर जारी है। दिल्ली में जहां…
Asian Games 2026: 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में शूटऑफ के…
Aaj Ka Panchang 3 October 2026: आज आश्विन कृष्ण सप्तमी तिथि है. जानें अभिजीत मुहूर्त,…