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EXPERT BLOG ON POWER SECTOR CRISIS: देश के थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले के स्टॉक में आई तेज गिरावट और पावर एक्सचेंजों में बिजली की कीमतों के ₹10 प्रति यूनिट की सीमा छूने पर आईआरएडीई (IRADe) के कार्यकारी निदेशक डॉ. राजीव के. मिश्रा का मानना है कि यह समस्या कोयला उत्पादन की नहीं, बल्कि उसके सही स्थान पर उपलब्धता, लॉजिस्टिक्स और पावर-सिस्टम के लचीलेपन की है.

डिजिटल युग में AI और आधुनिक तकनीकें केवल विकास और सुविधा के साधन नहीं रह गई हैं, बल्कि वे राजनीतिक सत्ता, निगरानी और सामाजिक नियंत्रण को भी गहराई से प्रभावित कर रही हैं.

Haifa Day 2026: 23 सितंबर 1918 को जोधपुर, मैसूर और हैदराबाद लांसर्स के भारतीय सैनिकों ने हाइफा की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई. जानें मेजर दलपत सिंह और भारतीय अश्वसेना की वीरगाथा.

पूर्व आईपीएस अफसर राजेश पाण्डेय की किताब 'वर्चस्व' कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला के खौफनाक दौर और यूपी एसटीएफ के गठन की इनसाइड स्टोरी बयां करती है.

विश्वास पाटील का उपन्यास 'ग्रेट कंचना सर्कस' द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान बर्मा के जंगलों में फंसे एक भारतीय सर्कस दल, उनकी नायिका कंचना और बेजुबान जानवरों के 520 किमी लंबे संघर्ष और साहस की ऐतिहासिक गाथा बयां करता है.

जापान के पास उन्नत परमाणु ऊर्जा और औद्योगिक क्षमताएं हैं, लेकिन वह आधिकारिक रूप से परमाणु हथियार रखने या बनाने की नीति नहीं अपनाता. 2026 में सुरक्षा माहौल के बीच जापान की परमाणु नीति पर बहस फिर चर्चा में है.

UDAN योजना के तहत छोटे शहरों में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई एयरपोर्ट विकसित किए गए, लेकिन कुछ केंद्रों पर नियमित उड़ानें बंद हो चुकी हैं. इससे रखरखाव खर्च, मांग के आकलन और क्षेत्रीय विमानन मॉडल की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं

ब्रिटिश राज में दिल्ली के सांपों को खत्म करने के लिए मरे कोबरा पर इनाम की योजना शुरू हुई, लेकिन इसका नतीजा उल्टा रहा. जानिए क्या है अर्थशास्त्र का 'कोबरा इफेक्ट'.

BRICS Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र में संकट का सामना करने वाले सीफेयरर्स के लिए Seafarers’ Emergency Support Network बनाने का प्रस्ताव रखा. इसका उद्देश्य समुद्री एजेंसियों और राजनयिक मिशनों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए संकट में फंसे कर्मचारियों तक सहायता पहुंचाना है.

आयुर्वेदिक इलाज के नाम पर गंभीर बीमारियों को ठीक करने के दावे करने वाले कथित ‘आचार्यों’ और ‘बाबाओं’ पर सवाल उठ रहे हैं. कानून में इलाज के लिए मान्यता प्राप्त योग्यता और रजिस्ट्रेशन जरूरी हैं, जबकि भ्रामक चमत्कारी दावों पर विज्ञापन कानून भी लागू हो सकता है.