केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य का व्यापक निरीक्षण किया. वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री को स्टेशन के आधुनिकीकरण परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी दी. विस्तृत समीक्षा के बाद अश्विनी वैष्णव ने चंडीगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया. निरीक्षण के दौरान, रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर मीडिया को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, “चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में पुनर्विकास किया जा रहा है. इसमें कई नवाचार किए गए हैं, जिनमें से एक मॉड्यूलर डिज़ाइन है, जिसमें प्री-फैब्रिकेटेड डिज़ाइन का उपयोग किया गया है. यह स्टेशन रूफ प्लाजा के माध्यम से पंचकूला और चंडीगढ़ शहर के दो छोरों को जोड़ेगा. ₹462 करोड़ की लागत से इस स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है. काम तेज़ी से चल रहा है. हमारी टीम स्टेशन के पुनर्विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.”
चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का उद्देश्य स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाना है. चंडीगढ़ स्टेशन एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में महत्वपूर्ण है, जो हिमाचल प्रदेश और पंजाब के लोकप्रिय स्थलों की ओर जाने वाले पर्यटकों और यात्रियों की एक बड़ी संख्या को सेवा प्रदान करता है.
त्वरित प्रयासों में यात्री सुविधाओं को बढ़ाने, कनेक्टिविटी में सुधार करने और एक आधुनिक, सुलभ और कुशल यात्रा केंद्र बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो शहर की नियोजित वास्तुकला को प्रतिबिंबित करेगा और अपने उपयोगकर्ताओं की बढ़ती मांगों को पूरा करेगा.
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने मोहाली स्थित सेमी कंडक्टर प्रयोगशाला (एससीएल) का निरीक्षण किया. उन्होंने एससीएल में समीक्षा बैठक की.उन्होंने बताया कि 4500 करोड़ रुपये के निवेश से एससीएल का आधुनिकीकरण और विस्तार किया जा रहा है. एससीएल द्वारा नवीनतम तकनीकों को अपनाया जा रहा है.
अश्विनी वैष्णव ने रवनीत सिंह के साथ नई दिल्ली-चंडीगढ़ सेक्शन का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया. निरीक्षण के दौरान, अश्विनी वैष्णव ने ट्रैक मेंटेनर्स, पीडब्लूआई और सिग्नल विभाग के रखरखाव कर्मचारियों से बातचीत की. कर्मचारियों ने अपने फील्डवर्क के अनुभव मंत्री के साथ साझा किए.
बातचीत के दौरान मंत्री ने सिग्नल, रिले, पॉइंट, टर्नआउट, क्रॉसिंग और अन्य संबंधित कार्यों के रखरखाव के बारे में जानकारी ली. ट्रैक मेंटेनर्स ने उन्हें फील्ड में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया. अश्विनी वैष्णव ने विश्व स्तर पर अपनाई जा रही सर्वोत्तम सिग्नल और ट्रैक रखरखाव प्रक्रियाओं पर अपने अनुभव साझा किए और कर्मचारियों को बेहतर तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया.
ये भी पढ़ें: PM मोदी ने गोवा में एशिया की सबसे ऊंची श्रीराम प्रतिमा का अनावरण किया; कर्नाटक में 1 लाख लोगों के साथ गीतापाठ
-भारत एक्सप्रेस
Jharkhand News: झारखंड में सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं की खरीद की प्रक्रिया एक बार…
SWISS PRESIDENT GUY PARMELIN IN INDIA: स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पार्मेलिन के 3 दिवसीय राजकीय…
Madhya Pradesh Sanitation Workers Strike: सालों तक देश में सबसे स्वच्छ शहर का तमगा लिए…
Drishyam 3 Collection Day 3: अजय देवगन और तब्बू स्टारर फिल्म 'दृश्यम 3: द कन्क्लूजन'…
Petrol Diesel Price: मिडिल ईस्ट से तेल सप्लाई बढ़ने और G7 देशों के भंडार जारी…
Gwalior Car Accident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने…