चंडीगढ़, 20 मई: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिन्धु घाटी सभ्यता के ऐतिहासिक स्थल राखीगढ़ी में स्थापित संग्रहालय एवं व्याख्यान केंद्र में 20 करोड़ लागत की तीन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जिनमें विश्रामगृह, छात्रावास तथा कैफेटेरिया शामिल हैं. इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और लोक निर्माण एवं2 जन-स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे. इसके अलावा, मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री ने आईकोनिक स्थल राखीगढ़ी पर तैयार की गई पुस्तिका का भी विमोचन किया.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्रामगृह, कैफेटरिया तथा हॉस्टल बनने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तथा विद्यार्थियों को शानदार सुविधाएं मिलेंगी. 17 कमरों वाला रेस्ट हाउस आधुनिक सुविधाओं से युक्त है. हॉस्टल में विद्यार्थियों के ठहरने के लिए 13 डोरमैट्री बनाई गई हैं. इसके अलावा डाइनिंग हॉल की सुविधा भी रहेगी.
इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुरातत्त्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया. यहां खुदाई के दौरान अब तक प्राप्त हड़प्पा कालीन वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया. प्रदर्शनी में हड़प्पा कालीन बच्चों के खिलौने, टैराकोटा छकड़ा गाड़ी का पहिया, दीए, टैरा कोटा मनके, मालाएं इत्यादि वस्तुओं को रखा गया.
इसके उपरांत, मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री ने राखीगढ़ी के विकास को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की और राखीगढ़ी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना की समीक्षा की. उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राखीगढ़ी संग्रहालय एवं व्याखान केंद्र का निमार्ण कार्य तेजी से पूरा किया जाए. पुरातात्विक साइटों पर शेड का निर्माण करवाया जाये ताकि उत्खनन कार्य साल के 12 महीने निरंतर चल सके.
उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए म्यूजियम को पुरातात्विक साइटों के साथ जोड़ा जाए और लाइटिंग, पार्किंग इत्यादि की व्यवस्था के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए.
बैठक के उपरांत, पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि राखीगढ़ी में 1960 के बाद विभिन्न चरणों में हुई खुदाई के दौरान जो अवशेष मिले हैं, उनसे प्रामाणिक रूप से सिद्ध हो जाता है कि लगभग 8000 वर्ष पूर्व यहां मानव सभ्यता विकसित रूप में निवास कर रही थी. यहां खुदाई में मिले सभ्यता और सभ्यता के विकास के पुख्ता प्रमाण बताते हैं कि पूरे विश्व में भारत की सभ्यता सबसे प्राचीन है. उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने राखीगढ़ी को प्रमुख पर्यटन केंद्र और पुरातात्विक अध्ययन एवं इतिहासकारों के शोध के लिए विकसित करने की दिशा में सराहनीय कार्य किया है. इसे विभिन्न चरणों में पूरा किया जाना है.
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने यहां पर जो भी कार्य किया है उसकी योजना और गुणवत्ता बेहद उत्तम है. इसके अलावा, हिसार की ही एक अन्य पुरातात्विक साइट अग्रोहा जहां अभी भी उत्खनन चल रहा है. इन जैसे सभी स्थलों को एकीकृत करके यहां सिंधु सरस्वती की सभ्यता का केंद्र बनाने पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा हुई है और सभी योजनाओं को आगामी दो साल में पूरा कर लिया जाएगा. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र ने इससे पहले, पुरातात्विक स्थलों का दौरा किया.
इस अवसर पर विधायक श्री विनोद भ्याणा, श्री रणधीर पनिहार, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री डीपी वत्स, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यू, विरासत एवं पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती कला रामचंद्रन, पुरातत्व विभाग के निदेशक श्री अमित खत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
-भारत एक्सप्रेस
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