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एक सेकंड में भरभराकर गिरा अस्पताल का छज्जा! महिला घायल, CCTV वीडियो ने मचाई सनसनी

Churu Hospital Accident: चूरू जिले के सुजानगढ़ स्थित राजकीय फतेहपुरिया मातृ एवं शिशु अस्पताल में सामने आई घटना ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

सीसीटीवी में कैद हुआ हादसा, बाल-बाल बचे कई लोग

घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि अचानक छज्जे का मलबा नीचे गिरता है. मलबे की चपेट में आने से महिला के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसे तत्काल राजकीय बगड़िया उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है.

जर्जर भवन की जानकारी के बाद भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई

बताया जा रहा है कि वर्तमान में जनाना अस्पताल पुराने ट्रॉमा सेंटर भवन में संचालित किया जा रहा है. यह भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में है. भवन की खराब हालत को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए. मरीजों, गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों और उनके परिजनों को रोजाना इसी भवन में आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण मरीजों की सुरक्षा खतरे में है.

बड़ा हादसा टला, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय अगर प्रवेश द्वार पर ज्यादा भीड़ होती तो बड़ा नुकसान हो सकता था. घटना के बाद मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों में डर का माहौल देखा गया. लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर ऐसी लापरवाही गंभीर खतरा पैदा कर सकती है.

जांच और मरम्मत की मांग, प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अस्पताल भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और खतरे वाले हिस्सों की मरम्मत के साथ जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं. उनका कहना है कि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचने के लिए प्रशासन को समय रहते कदम उठाने चाहिए. अस्पताल प्रभारी डॉ. बंशीधर ने बताया कि भवन की समस्याओं को लेकर पहले भी अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है. उन्होंने जल्द व्यवस्थाओं में सुधार किए जाने का आश्वासन दिया है. अब सवाल यह है कि हादसे के बाद जिम्मेदार विभाग कब तक ठोस कार्रवाई करता है.

भारत एक्सप्रेस

Swati Pandey

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