(CM Bihar) : बिहार की राजनीति वोटर से किए गए वादे और उनके हित के लिए योजनाओं के इर्द गिर्द घूमती है. विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का ऐलान करके बड़ा दांव खेला है. इस योजना में प्रत्येक परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए पहली किस्त 10 हजार रुपए दिए जाएंगे और बाद में 2 लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी.
बिहार सरकार इस योजना के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का दावा कर रही है और साथ चुनावी माहौल में यह योजना एनडीए को अच्छा फायदा भी पहुंचा सकती है. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने माई बहन योजना में हर महीने महिलाओं को 2500 रुपए देने का वादा किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजना ने विपक्षी नेता तेजस्वी यादव की योजना को फीका कर दिया है. विपक्ष नीतीश कुमार के इस कदम को तेजस्वी यादव के वादे की नकल बता रहा है.
तेजस्वी यादव ने महिलाओं के लिए माई बहन योजना की घोषणा की थी. इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने का वादा किया था. यह योजना बिहार की आधी आबादी को लुभावने वाली थी . बिहार में महिलाओं की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2020 के चुनाव में महिलाओं ने भारी संख्या में मतदान किया था जिनका टर्नआउट 54.50 प्रतिशत था.
रक्षाबंधन के मौके पर तेजस्वी यादव ने महिलाओं खुला पत्र लिख लिखा था जिसमें 13 वादों को जिक्र किया था. इस पत्र में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को 2500 रुपए प्रति माह सहायता देने, 500 रूपये का गैस सिलेंडर और 200 यूनिट बिजली फ्री देने का वादे मुख्य रूप से शामिल थे. भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने तंज कसते हुए कहा था कि यह वादे हवा हवाई और सिर्फ कागजी हैं और इसके लिए बजट का भी कोई प्रावधान नही हैं.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन वादों को चुनौती के रूप में लिया और अगस्त 2025 में कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को मंजूरी दी. 7 सितंबर को को फार्म आदि भराकर इसकी शुरुआत भी हो गई और 15 सितंबर को महिला लाभार्थियों के खातों में 10000 रुपए भी ट्रांसफर हो जाएंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस दांव ने विपक्ष को चारों खाने पस्त कर दिया है.
मुख्यमंत्री की इस योजना के लिए ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से 20 हजार करोड़ का बजट आवंटित किया है. आंकड़ों के मुताबिक 2.7 करोड़ महिलाओं को पहली किस्त मिल जाएगी इसके बाद 6 महीने के व्यवसाय के आकलन के बाद 2 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी. नीतीश कुमार ने इस योजना को महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार का एक अच्छा कदम बताया है.
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह नकलची योजना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने योजना के लिए वादा भर नहीं किया बल्कि उसे पूरा करके दिखा भी दिखा दिया. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की योजनाएं सिर्फ वोट पाने के लिए हैं और यह सिर्फ महिलाओं को धोखा देकर वोट लेने जैसा है जबकि उन्होंने जो कहा वह पूरा भी किया. इसीलिए नीतीश कुमार महिलाओं का वोट अपनी ओर मानकर चल रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को दिखा दिया है कि वह चुनावी दांव पेंच में किसी से कम नहीं हैं.
भारत एक्सप्रेस
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