फोटो क्रेडिट- भारत एक्सप्रेस
Peter Navarro Anti India Remark: हाउडी मोदी से लेकर नमस्ते ट्रंप जैसे कार्यक्रमों के जरिए करीब आए अमेरिकी राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्तों पर टैरिफ ने दरार डाल दी. हालांकि, पीएम मोदी के जापान दौरे और चीन में SCO समिट में शामिल होने के बाद उनके रुख बदले हुए नजर आ रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने एक रोज पहले ही भारत को दोस्त बताते हुए पोस्ट किया था. इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी था. जिससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि बर्फ पिघलने वाली है. हालांकि, एक फिर पीटर नवारो का एक बयान आ गया जो दोनों देशों के रिश्तों में दायरा बढ़ा सकता है.
सोशल मीडिया पर पीटर नवारो को जमकर लताड़ा जा रहा है. वो भी ऐसे में मौके में जब डोनाल्ड ट्रंप वापस से भारत की ओर हाथ बढ़ा रहे हैं. इसी कारण लोगों का कहना है कि पहले तो ट्रंप ने खुद अपनी साख कमजोर की है. अब जब वो इसे सुधार रहे हैं तो उनके सलाहकार पीटर नवारों उन्हें ले डूबने के फिराक में है. अमेरिका में तो लोग उन्हें कम समझ वाला यानी मंदबुद्धी बताने लगे हैं.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका को भारत के साथ ‘अनुचित व्यापार’ करने की कोई जरूरत नहीं है. भारत जरूर अमेरिकी बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए बेचैन है. नवारो ने यह भी आरोप लगाया कि भारत रूस की युद्ध मशीनरी को बढ़ावा दे रहा है और उसके शुल्क आसमान छू रहे हैं.
अमेरिकी विशेषज्ञों ने नवारो की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि नवारो एक कम समझ वाले राजनयिक हैं और उनकी जानकारी सीमित है. उन्होंने कहा कि नवारो को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है और अगर राष्ट्रपति उनसे सलाह लेते हैं तो इसका मतलब है कि उनकी जानकारी भी सीमित ही होगी.
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नवारो की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और अमेरिका के संबंध एक बार फिर से पटरी पर आते दिखाई दे रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ की है और पीएम मोदी ने भी दोनों देशों के संबंधों को खास बताया है. भारत ने नवारो के आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए काम कर रहा है और अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता में किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए प्रयासरत है.
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