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CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला- दिल्ली में कर्मचारी अब हफ्ते में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ करेंगे, मंत्री-विधायक भी मेट्रो से आएंगे-जाएंगे

CM Rekha Gupta Oil Crisis decision:  15 मई 2026: राजधानी दिल्ली में गहराते ईंधन (तेल) संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्‍ता ने एक अहम फैसला लिया है. शहर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत को नियंत्रित करने के लिए अब दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारी हफ्ते में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) करेंगे. सरकार ने यह कदम सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करने और ईंधन की खपत को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया है.

मंत्रियों और विधायकों के लिए भी कड़े नियम

मुख्यमंत्री ने केवल कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि जन प्रतिनिधियों के लिए भी मिसाल पेश करने के निर्देश दिए हैं. नए आदेश के मुताबिक, अब दिल्ली सरकार के मंत्री और विधायक अपनी सरकारी कारों का उपयोग करने के बजाय मेट्रो, बस या इलेक्ट्रिक वाहनों से सफर करेंगे. सीएम ने स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में सभी को मिलकर संसाधन बचाने होंगे. सरकारी दफ्तरों में होने वाली मीटिंग्स में भी अब 50 प्रतिशत भागीदारी ऑनलाइन माध्यम से ही सुनिश्चित की जाएगी.

निजी क्षेत्र को भी दी गई सलाह

सरकार ने निजी कंपनियों और संस्थानों से भी अपील की है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दें. दिल्ली सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है. तेल संकट के कारण ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे जरूरी सामानों की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है. सरकार का मानना है कि सड़कों पर निजी और सरकारी वाहनों के कम निकलने से तेल की बचत होगी, जिसका उपयोग इमरजेंसी सेवाओं जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए किया जा सकेगा.

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क्यों पैदा हुआ यह संकट?

बीते कुछ हफ्तों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के कारण देश के कई हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली में भी तेल का स्टॉक कम हुआ है. दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं और कई जगह ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लग गए हैं. मुख्यमंत्री रेखा ने जनता से पैनिक न होने की अपील की है और कहा है कि सरकार केंद्र के साथ मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटी है. तब तक के लिए इन कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है.

  • भारत एक्सप्रेस
Swati Pandey

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