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देश और राज्य स्तर पर नए पार्टी अध्यक्ष की चर्चाओं के बीच पीएम मोदी और नड्डा से मिले CM Yogi, इन नामों पर अटकलें तेज

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष के प्रमुख की नियुक्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के साथ अटकलें भी और तेज हो गई हैं. शनिवार (19 जुलाई) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वर्तमान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है.

सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है. खासकर यह देखते हुए कि भाजपा में केंद्रीय और राज्य स्तर की दोनों नियुक्तियां लंबित हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. उस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की गईं, जिससे दिल्ली और उत्तर प्रदेश दोनों में संभावित राजनीतिक बदलावों की अटकलों ने ज़ोर पकड़ा.

सीएम योगी (CM Yogi) के इस दिल्ली दौरे के बाद राजनीतिक गलियारों में राज्य भाजपा नेतृत्व में संभावित बदलावों को लेकर नए सिरे से चर्चा हो रही है.

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केशव प्रसाद भी नए अध्यक्ष की दौड़ में शामिल

एक पूर्व राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “संभावित नेतृत्व परिवर्तन के लिहाज से मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा महत्वपूर्ण है. नए यूपी भाजपा अध्यक्ष पद के लिए कई नामों पर विचार किया जा रहा है और यह दौरा उसी निर्णय प्रक्रिया से जुड़ा हो सकता है.”

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि विचाराधीन नामों में केशव प्रसाद मौर्य, रेखा वर्मा, बीएल वर्मा, श्रीकांत शर्मा और डॉ. दिनेश शर्मा शामिल हैं. भाजपा ब्राह्मण और ओबीसी  फैक्टर पर भी अपनी रणनीति का मूल्यांकन कर रही है, हालांकि एक आश्चर्यजनक नाम से इनकार नहीं किया जा सकता है.

नया चेहरा ओबीसी बैकग्रांउड से हो सकता है

एक अन्य पूर्व राज्य भाजपा प्रमुख ने कहा, “चूंकि मुख्यमंत्री एक अगड़ी जाति से हैं, इसलिए संभावना है कि नया पार्टी प्रमुख ओबीसी बैकग्रांउड से होगा. इस रोल के लिए एक महिला की नियुक्ति पर भी आंतरिक चर्चा चल रही है.”

बीजेपी के सूत्रों ने कहा कि आरएसएस ने ऐसे प्रदेश अध्यक्ष का चयन करने की इच्छा जताई है जो आगामी चुनावों के लिए सरकार और पार्टी मशीनरी दोनों के साथ प्रभावी ढंग से साथ-साथ काम कर सके.

आरएसएस और प्रशासन के बीच किसी भी तरह के मतभेद से बचने के लिए नियुक्ति को अंतिम रूप देने से पहले योगी आदित्यनाथ की मंजूरी ले रहा है. नए प्रदेश अध्यक्ष आगामी पंचायत चुनावों और बाद में उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

-भारत एक्सप्रेस

Md Shadan Ayaz

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