दिल्ली मेट्रो.
दिल्ली मेट्रो, जिसे दिल्लीवासियों की ‘लाइफ-लाइन’ कहा जाता है, आजकल सुर्खियों में है. लेकिन अब यह सुविधा, गति और कनेक्टिविटी के लिए नहीं, बल्कि यात्रियों के बीच होने वाले झगड़ों के लिए चर्चा का विषय बन रही है. हाल के दिनों में, मोबाइल फोन पर तेज़ आवाज़ में वीडियो देखने को लेकर यात्रियों के बीच झगड़े आम हो गए हैं. इन झगड़ों ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है: क्या दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) यात्रियों को शांत और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने में विफल रहा है? शैक्षणिक जगत से जुड़े डॉ शफ़ी अयूब ने मेट्रो के अपने सफ़र के दौरान का अनुभव साझा करते हुए इस समस्या पर विस्तार से प्रकाश डाला.
दिल्ली मेट्रो और भारतीय रेलवे में लंबे समय से एक एनाउंसमेंट चला आ रहा है: “कृपया संगीत न बजाएं”. हालाँकि, आज के डिजिटल युग में, “संगीत बजाने” की इस परिभाषा में मोबाइल फोन पर तेज़ आवाज़ में वीडियो देखना शामिल नहीं है. यही कमी अब समस्या का कारण बन रही है. यात्री अक्सर बिना इयरफोन के वीडियो देखते हैं, जिससे आसपास के यात्रियों को तेज़ आवाज़ सुनने को मजबूर होना पड़ता है. जब इन्हें मना किया जाता है, तो स्थिति झगड़े में बदल जाती है.
दिल्ली मेट्रो में यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना है कि तेज़ आवाज़ में वीडियो देखना एक आम समस्या बन गई है. इसे लेकर हुए झगड़ों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिनमें यात्री एक-दूसरे से हाथापाई करते दिखाई देते हैं. DMRC ने इस समस्या को स्वीकार करते हुए हाल ही में एक अभियान चलाया है. इसमें यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे “रील न बनाएं” और “तेज़ आवाज़ में संगीत न बजाएं”. DMRC के एक अधिकारी के अनुसार, “लोग मोबाइल फोन पर बिना इयरफोन के कंटेंट देखते हैं, जिसमें अश्लील भाषा या तेज़ आवाज़ होती है. इससे अन्य यात्रियों को असुविधा होती है”.
DMRC ने यात्रियों को जागरूक करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं. स्टेशनों और ट्रेनों में संदेश प्रदर्शित किए गए हैं, जैसे “STOP making reels”, “Don’t PLAY loud music”, और “PAUSE to let passengers deboard first”. इसके अलावा, DMRC ने सोशल मीडिया अभियान चलाए हैं और यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी समस्या की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 155370 पर दें. हालाँकि, ये उपाय अभी तक पूरी तरह से प्रभावी नहीं दिखाई दे रहे हैं. यात्रियों का मानना है कि DMRC को सख्त नियम बनाने चाहिए, जैसे कि बिना इयरफोन के वीडियो देखने पर जुर्माना लगाना या यात्रा से निलंबित करना.
हाल ही में, दिल्ली मेट्रो में दो महिलाओं के बीच सीट को लेकर हुए झगड़े का वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों महिलाएं एक-दूसरे के बाल खींच रही हैं और थप्पड़ मार रही हैं. हालाँकि, इस विशेष मामले में झगड़ा सीट को लेकर था, लेकिन यह घटना मेट्रो में यात्रियों के बीच बढ़ती तनाव की स्थिति को दर्शाती है. इस तरह की घटनाएं न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि दिल्ली मेट्रो की छवि को भी नुकसान पहुँचाती हैं.
दिल्ली मेट्रो ने भारत में सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है. लेकिन अब इसे नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. यात्रियों के बीच झगड़े और तेज़ आवाज़ में वीडियो देखने की समस्या को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. DMRC ने हाल ही में प्रायोरिटी फ्रिस्किंग जैसी पहल शुरू की है, जिससे विशेष श्रेणी के यात्रियों को मदद मिलेगी. लेकिन, सामान्य यात्रियों के लिए शांत और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है.
DMRC को चाहिए कि वह न केवल जागरूकता अभियान चलाए, बल्कि सख्त नियम और दंडात्मक उपाय भी लागू करे. साथ ही, यात्रियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और दूसरों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए. केवल तभी दिल्ली मेट्रो वास्तव में एक सभ्य और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान कर पाएगी.
Also Follow Bharat Express on Youtube
Lal Krishna Advani Health Update: लाल कृष्ण आडवाणी को छाती में संक्रमण के चलते इंद्रप्रस्थ…
Ara Customs Officer Murder: भोजपुर जिले के आरा शहर में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी राम कुमार…
Bilaspur Atal Awas Fire News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आने वाले सरकंडा इलाके में…
Kerala Congress CJI Controversy: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को 'अभी इस्तीफा दो' कहने…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में निशानेबाजी में गोल्ड जीतने वाली मोना…
Blinkit Meat Controversy: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में ब्लिंकिट स्टोर पर 'हैप्पी नवरात्रि' लिखे कैरी…