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‘एयर स्ट्राइक’ का बजा सायरन…फिर मची अफरा-तफरी, दिल्ली के राजा गार्डन में आखिर क्या हुआ?

रिपोर्ट-राजेश शर्मा


Delhi Raja Garden air strike mock drill: ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग की खबरों के बीच आज दिल्ली का राजा गार्डन इलाका अचानक ‘जंग का मैदान’ नजर आने लगा. दरअसल दोपहर के वक्त जैसे ही होमगार्ड रेजिडेंशियल क्वार्टर में ‘एयर स्ट्राइक’ की कॉल मिली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

लोग जान बचाने के लिए इधर-बदल भागने लगे और देखते ही देखते चारों ओर सन्नाटा और ब्लैकआउट छा गया. हालांकि, इस खौफनाक मंजर के पीछे की हकीकत कुछ और ही थी, जिसने बाद में स्थानीय निवासियों को राहत की सांस लेने पर मजबूर कर दिया.

जानिए कैसा था घटना का मंजर?

बता दें कि इलाके में जैसे ही एयर स्ट्राइक की खबर फैली, सिविल डिफेंस के साथ-साथ एनडीआरएफ (NDRF), दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, फायर सर्विस और हेल्थ डिपार्टमेंट की टीमें सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंचने लगीं. आसमान में धुएं के गुबार और जमीन पर ‘घायलों’ की चीख-पुकार के बीच राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया.

वहीं सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाला और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम युद्धस्तर पर किया गया. इस दौरान डरे-सहमे लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया, जिससे पूरा इलाका किसी वास्तविक युद्ध क्षेत्र जैसा प्रतीत होने लगा.

राजा गार्डन में आखिर क्या हुआ?

दरअसल यह कोई वास्तविक हमला नहीं बल्कि सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित एक हाई-लेवल ‘मॉकड्रिल’ थी. इस एक्सरसाइज के दौरान एक कृत्रिम परिस्थिति तैयार की गई थी जिसमें एक व्यक्ति की ‘मौत’ और कई लोगों के ‘घायल’ होने का सीन क्रिएट किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल और उनकी प्रतिक्रिया की गति को परखना था. स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार के बाद ‘घायलों’ को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया.

यह भी पढ़ें: राघव चड्ढा बदलेंगे रास्ता! AAP को दिया तगड़ा जवाब, बोले-‘खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं’

क्यों जरूरी थी ये एक्सरसाइज?

मौजूदा वैश्विक हालातों, खासकर ईरान और इजरायल के बीच जारी मिसाइल हमलों और युद्ध के तनाव को देखते हुए दिल्ली प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता. सिविल डिफेंस कर्मियों का कहना है कि समय-समय पर ऐसी एक्सरसाइज करने से विभागों की क्षमता और कमियों का पता चलता है. राजा गार्डन जैसे रिहायशी इलाकों में इस तरह की मॉकड्रिल से न केवल सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट होती हैं, बल्कि आम जनता को भी यह सीखने को मिलता है कि हवाई हमले या किसी बड़ी आपदा की स्थिति में खुद को सुरक्षित कैसे रखना है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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