देश

हर महीने सहारा बदलती हैं ममता बनर्जी! कुणाल घोष पर अंडाकांड और बंगाल हिंसा को लेकर बरसे दिलीप घोष

Dilip Ghosh: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल में बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट कर रही हैं. जिसको लेकर बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर खूब ‘शब्दभेदी बाण’ छोड़े. उन्होंने ममता बनर्जी को अप्रत्यक्ष रूप से मौका परस्त करार दिया. वहीं ममता के करीबी नेता कुणाल घोष पर अंडे फेंके जाने के मामले में भी दिलीप घोष ने जमकर निशाना साधा.

ममता बनर्जी के करीबी नेता कुणाल घोष पर अंडे से हमला को लेकर दिलीप घोष ने बड़ा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वो जितना भाषण देंगे लोगों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा. उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी नेता तो अंडे नहीं खा रहे हैं, फिर बार-बार उन्हीं पर अंडे क्यों फेंके जा रहे हैं?

‘कुणाल जितना भाषण देंगे, गुस्सा उतना बढ़ेगा’

दिलीप घोष ने कुणाल को सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि जनता ने जो फैसला दिया है, उसे स्वीकार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर बेलेघाटा में जीतने के बाद वहीं की जनता अंडे फेंकने लगे तो फिर वे कहां जाएंगे? दिलीप घोष ने कहा, जब लोग अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हों, तब ऐसी उल्टी-सीधी बातें की जाती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया ने उन्हें बचाकर रखा है.

SRFTI पर भी तीखा हमला

SRFTI मामले पर दिलीप घोष ने कहा कि अलगाववादी और देशविरोधी ताकतें लंबे समय से बंगाल में सक्रिय थीं. वे पिछली सरकार के संरक्षण में बची हुई थीं. अब एक-एक करके उनका पर्दाफाश हो रहा है.

उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति और परंपरा के खिलाफ ऐसी गतिविधियों को अब जनता स्वीकार नहीं करेगी. दिलीप घोष ने नक्सल दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय महापुरुषों की तस्वीरों पर कालिख पोती जाती थी और मूर्तियां तोड़ी जाती थीं. अब वह दौर खत्म हो चुका है, हालांकि उनके कुछ उत्तराधिकारी अभी भी मौजूद हैं.

SRFTI में बाहरी लोगों के प्रवेश के आरोपों पर दिलीप घोष ने कहा कि जिन लोगों ने यह किया है, उनकी गतिविधियां समाजविरोधी हैं. उन्होंने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बोलपुर में बीजेपी नेता की मौत पर चिंता

बोलपुर में बीजेपी बूथ अध्यक्ष का शव मिलने के मामले पर दिलीप घोष ने इसे चिंता का विषय बताया. उन्होंने कहा कि बंगाल में अभी भी छिटपुट हिंसा की घटनाएं हो रही हैं, यह उनके लिए चुनौती है. उन्होंने कहा कि गृह विभाग इस मामले को देख रहा है और इसका अंत करके ही दम लिया जाएगा.

‘ममता हर महीने बदलती हैं अपना सहारा’

ममता बनर्जी के CPM के करीब आने के सवाल पर दिलीप घोष ने सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अब ममता बनर्जी पर कोई भरोसा नहीं करता. ममता हर महीने अपना सहारा बदलती हैं. दिलीप घोष ने कहा कि अब देखना होगा कि ममता बनर्जी किसका हाथ पकड़कर बचेंगी. फिलहाल उनके पास तिनके का ही सहारा है.

हरिदेवपुर हमले पर बीजेपी का बचाव

हरिदेवपुर के अजेय संहति क्लब में हथियारबंद हमले के आरोपों पर दिलीप घोष ने कहा कि अब एक आसान तरीका हो गया है कि हर घटना का आरोप बीजेपी पर लगा दिया जाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी का ऐसे कामों से कोई लेना-देना नहीं है. दिलीप घोष के मुताबिक जिन लोगों ने 50 वर्षों तक बंगाल में हिंसा की राजनीति की है, उन्हें खोजने में थोड़ा समय लगेगा.

बैंक हड़ताल पर भी साधा निशाना

बैंक हड़ताल स्थगित होने पर दिलीप घोष ने कहा कि बात-बात पर हड़ताल करना एक फैशन बन गया है. उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान किया जा सकता है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित अधिकारी बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करेंगे. साथ ही कहा कि कुछ लोग धमका-चमकाकर सरकार को मजबूर करना चाहते हैं.

नितिन नवीन के दौरे पर बोले दिलीप घोष

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बंगाल दौरे को लेकर दिलीप घोष ने बताया कि वह लगातार कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछली रात भी बैठक साढ़े 10 बजे तक चली और आज भी बैठक होगी.

ये भी पढ़ें- विकास की राह में घुट रहा भारत का दम! कोयला जलाने से हवा हो रही जहरीली, हर साल 9 लाख मौतें

दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में बदलाव आया है, अब पार्टी में भी बदलाव आएगा. कार्यकर्ताओं की मानसिकता कैसी होगी और जिम्मेदारियों का बंटवारा किस तरह किया जाएगा, यह नितिन नवीन बताएंगे. उन्होंने कहा कि सभी के लिए अलग-अलग दिशा-निर्देश आए हैं और यह एक सतत प्रक्रिया है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

AI और डीपफेक पर लगाम! विवेक ओबेरॉय, जाह्नवी और आराध्या के पर्सनैलिटी राइट्स पर दिल्ली हाई कोर्ट में एक साथ सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट में फिल्मी हस्तियों द्वारा दायर पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़ी याचिकाओं पर 30…

7 minutes ago

बंगाल दौरे पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का दिखा अनूठा अंदाज; खुद बनाई झालमुरी, फिर लिया चटपटा स्वाद

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बंगाल दौरे के दौरान सोमवार को कोलकाता में…

14 minutes ago

इंदौर में भारत-वेस्टइंडीज मैच के टिकट के नाम पर साइबर ठगी का अलर्ट, क्राइम ब्रांच ने लोगों को किया सतर्क

Indore Cricket Ticket Scam Alert: इंदौर में 11 अक्टूबर को भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले टिकट…

16 minutes ago

अखिलेश के PDA फॉर्मूले में सेंध! ओवैसी ने 150 सीटों पर ठोका दावा, क्या बंट जाएगा मुस्लिम वोट?

UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण बदल रहे हैं. अखिलेश…

28 minutes ago

भारत में ARIN-AP की 11वीं वार्षिक बैठक शुरू, अपराध की कमाई की वसूली पर चल रही है मंथन

भारत वर्ष 2026 में ARIN-AP (Asset Recovery Inter-Agency Network–Asia Pacific) की अध्यक्षता कर रहा है…

32 minutes ago

बिजली बिल में जुड़ेगा ट्रैफिक चालान? सुप्रीम कोर्ट ने बताया नया फॉर्मूला

सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ट्रैफिक ई-चालान की वसूली के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों…

45 minutes ago