कुणाल घोष पर अंडाकांड और बंगाल हिंसा को लेकर बरसे दिलीप घोष
Dilip Ghosh: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल में बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट कर रही हैं. जिसको लेकर बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस पर खूब ‘शब्दभेदी बाण’ छोड़े. उन्होंने ममता बनर्जी को अप्रत्यक्ष रूप से मौका परस्त करार दिया. वहीं ममता के करीबी नेता कुणाल घोष पर अंडे फेंके जाने के मामले में भी दिलीप घोष ने जमकर निशाना साधा.
ममता बनर्जी के करीबी नेता कुणाल घोष पर अंडे से हमला को लेकर दिलीप घोष ने बड़ा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वो जितना भाषण देंगे लोगों का गुस्सा उतना ही बढ़ेगा. उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी नेता तो अंडे नहीं खा रहे हैं, फिर बार-बार उन्हीं पर अंडे क्यों फेंके जा रहे हैं?
दिलीप घोष ने कुणाल को सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि जनता ने जो फैसला दिया है, उसे स्वीकार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर बेलेघाटा में जीतने के बाद वहीं की जनता अंडे फेंकने लगे तो फिर वे कहां जाएंगे? दिलीप घोष ने कहा, जब लोग अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हों, तब ऐसी उल्टी-सीधी बातें की जाती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया ने उन्हें बचाकर रखा है.
New Town, West Bengal: On the attack on MTMC leader Kunal Ghosh, Minister Dilip Ghosh says, “Kunal Ghosh deliberately provokes people so that they attack him and he remains in the news. That is his only objective…” pic.twitter.com/JKekCQCjRd
— IANS (@ians_india) September 28, 2026
SRFTI मामले पर दिलीप घोष ने कहा कि अलगाववादी और देशविरोधी ताकतें लंबे समय से बंगाल में सक्रिय थीं. वे पिछली सरकार के संरक्षण में बची हुई थीं. अब एक-एक करके उनका पर्दाफाश हो रहा है.
उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति और परंपरा के खिलाफ ऐसी गतिविधियों को अब जनता स्वीकार नहीं करेगी. दिलीप घोष ने नक्सल दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय महापुरुषों की तस्वीरों पर कालिख पोती जाती थी और मूर्तियां तोड़ी जाती थीं. अब वह दौर खत्म हो चुका है, हालांकि उनके कुछ उत्तराधिकारी अभी भी मौजूद हैं.
SRFTI में बाहरी लोगों के प्रवेश के आरोपों पर दिलीप घोष ने कहा कि जिन लोगों ने यह किया है, उनकी गतिविधियां समाजविरोधी हैं. उन्होंने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बोलपुर में बीजेपी बूथ अध्यक्ष का शव मिलने के मामले पर दिलीप घोष ने इसे चिंता का विषय बताया. उन्होंने कहा कि बंगाल में अभी भी छिटपुट हिंसा की घटनाएं हो रही हैं, यह उनके लिए चुनौती है. उन्होंने कहा कि गृह विभाग इस मामले को देख रहा है और इसका अंत करके ही दम लिया जाएगा.
ममता बनर्जी के CPM के करीब आने के सवाल पर दिलीप घोष ने सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अब ममता बनर्जी पर कोई भरोसा नहीं करता. ममता हर महीने अपना सहारा बदलती हैं. दिलीप घोष ने कहा कि अब देखना होगा कि ममता बनर्जी किसका हाथ पकड़कर बचेंगी. फिलहाल उनके पास तिनके का ही सहारा है.
हरिदेवपुर के अजेय संहति क्लब में हथियारबंद हमले के आरोपों पर दिलीप घोष ने कहा कि अब एक आसान तरीका हो गया है कि हर घटना का आरोप बीजेपी पर लगा दिया जाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी का ऐसे कामों से कोई लेना-देना नहीं है. दिलीप घोष के मुताबिक जिन लोगों ने 50 वर्षों तक बंगाल में हिंसा की राजनीति की है, उन्हें खोजने में थोड़ा समय लगेगा.
बैंक हड़ताल स्थगित होने पर दिलीप घोष ने कहा कि बात-बात पर हड़ताल करना एक फैशन बन गया है. उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान किया जा सकता है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित अधिकारी बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करेंगे. साथ ही कहा कि कुछ लोग धमका-चमकाकर सरकार को मजबूर करना चाहते हैं.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बंगाल दौरे को लेकर दिलीप घोष ने बताया कि वह लगातार कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछली रात भी बैठक साढ़े 10 बजे तक चली और आज भी बैठक होगी.
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दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में बदलाव आया है, अब पार्टी में भी बदलाव आएगा. कार्यकर्ताओं की मानसिकता कैसी होगी और जिम्मेदारियों का बंटवारा किस तरह किया जाएगा, यह नितिन नवीन बताएंगे. उन्होंने कहा कि सभी के लिए अलग-अलग दिशा-निर्देश आए हैं और यह एक सतत प्रक्रिया है.
-भारत एक्सप्रेस
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