देश

‘तकनीक का इस्तेमाल नहीं, अब निर्माता बने भारत’: PHDCCI के 121वें सत्र में बोले केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

‘भारत को अब सिर्फ दूसरों द्वारा बनाई गई तकनीक का इस्तेमाल करने वाला देश (Consumer) बनकर नहीं रहना है, बल्कि हमें दुनिया के लिए उन्नत तकनीक का निर्माण, विकास और निर्माण (Creator) करने वाला देश बनना होगा.’

यह बात केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कही. वे नई दिल्ली में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के 121वें वार्षिक सत्र को संबोधित कर रहे थे.

डॉ. जितेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि सरकार, वैज्ञानिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और निजी उद्योगों को एक साथ मिलकर काम करना होगा ताकि प्रयोगशाला में होने वाली खोजें सीधे बाजार और आम लोगों तक पहुंच सकें.

स्पेस स्टार्टअप्स की सफलता का दिया उदाहरण

भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने देश के स्पेस सेक्टर में आए क्रांतिकारी बदलावों का उदाहरण दिया. उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2014 में देश में सिर्फ एक स्पेस स्टार्टअप था, जो फरवरी 2026 तक बढ़कर 400 से भी ज्यादा हो चुका है. उन्होंने कहा कि सही नीतिगत फैसलों और निजी क्षेत्र की भागीदारी से ही यह मुमकिन हो पाया है.

उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे सिर्फ मौजूदा प्रॉडक्ट्स को अपनाने तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे वैश्विक स्तर के उद्योग खड़े करें जो अपनी तकनीक खुद विकसित कर सकें.

नेशनल क्वांटम मिशन और बायोटेक्नोलॉजी पर जोर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने अप्रैल 2023 में मंजूर किए गए ‘नेशनल क्वांटम मिशन’ का जिक्र किया, जिसके लिए 8 वर्षों में 6,003.65 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. यह मिशन क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, क्वांटम सेंसिंग और मटेरियल जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है.

इसके अलावा, उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी और ‘BioE3’ (बायोटेक्नोलॉजी फॉर इकोनॉमी, एनवायरनमेंट एंड एम्प्लॉयमेंट) नीति पर बात करते हुए कहा कि बायो-आधारित रसायनों, सटीक दवाओं और जलवायु-अनुकूल कृषि में क्रांति लाने की अपार संभावनाएं हैं. परमाणु चिकित्सा (Nuclear Medicine) और कैंसर अनुसंधान के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी से देश में इलाज और उपकरण सस्ते होंगे तथा विदेश पर निर्भरता कम होगी.

सत्र के दौरान PHDCCI के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने डॉ. जितेंद्र सिंह का स्वागत किया और एमएसएमई (MSME) व विज्ञान को जोड़ने में उनके योगदान की सराहना की.

यह भी पढ़ें: समुद्र तटों की जोरदार सफाई: 2,000 से ज्‍यादा लोगों ने देश के किस बीच से हटाया 15 टन कचरा? रोपे गए ‘सुरुचि’ के पौधे

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

सरदार पटेल ने आजादी के बाद सिर्फ 1,218 दिन में वो करके दिखाया, जो सबको असंभव लगता था- गृह मंत्री अमित शाह

राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर दिल्ली में आयोजित 'एकता दौड़' के दौरान गृह मंत्री…

37 minutes ago

अमेरिका का बड़ा झटका! खत्म होने जा रहा है H-1B वीजा का ‘डेफरेंस’, 10 लाख भारतीयों पर संकट

US Deference Policy: H-1B वीजाधारकों के लिए बुरी खबर: अमेरिका सरकार 'डेफरेंस टू प्रायर अप्रूवल्स'…

45 minutes ago

1 नवंबर से बदल गए बिजली कनेक्शन के रेट! जानिए 3 से 44 KW तक अब कितना ढीला होगा आपका बटुआ?

New Bijli Connection Rate: जानिए एलटी सिंगल फेज और थ्री फेज बिजली कनेक्शन की नई…

1 hour ago

दिल्ली: मंगोलपुरी की जूता फैक्ट्री में भयानक आग, बेसमेंट से उठे धुएं ने छीनी 4 मजदूरों की सांसें

दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में शुक्रवार रात एक जूता फैक्ट्री में भीषण आग…

1 hour ago

पीएम मोदी ने नए नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-03 की सफल लॉन्चिंग पर इसरो के वैज्ञानिकों को दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-03 की सफल लॉन्चिंग पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान…

2 hours ago

टीम इंडिया की जीत की दुआ करेगा पाकिस्तान…! हांगकांग सिक्सेस में IND vs UAE मैच में तगड़ा रोमांच

हांगकांग सिक्सेस 2026 में पाकिस्तान से हार के बाद टीम इंडिया की सेमीफाइनल की राह…

2 hours ago